
Dhanteras Holiday : मध्यप्रदेश में इस बार हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में धनतेरस पर भी सामान्य कामकाज होगा। इस दिन कोई अवकाश नहीं रहेगा। 6 नवंबर को धनतेरस पर अवकाश घोषित करने की मांग हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दी है। वकीलों ने इसके लिए हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इंदौर के तत्वावधान में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को यह पत्र लिखा गया था। इसमें न्यायिक अधिकारियों-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं की भावनाओं से अवगत कराते हुए धार्मिक आस्था व सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख भी किया गया था। इसे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के माध्यम से भेजा गया।
इससे पहले हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में 19 सितंबर की छुट्टी रद्द कर दी गई थी। कोर्ट ने ईद मिलादुन्नबी और रक्षाबंधन के बीच 27 अगस्त को एक दिन की छुट्टी घोषित की थी। इसके बदले 19 सितंबर को कोर्ट को सामान्य दिनों की तरह कामकाज के लिए बढ़ा दिया था। इसी आदेश के परिपालन में शनिवार होने के बाद भी हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ और जिला कोर्ट में सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज चलता रहा था।
हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ के साथ ही इंदौर और ग्वालियर स्थित खंडपीठों और संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों पर भी यह निर्णय लागू हुआ था।
धनतेरस के संबंध में इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव और सचिव मनीष गड़कर द्वारा हस्ताक्षरित पत्र 23 अक्टूबर को जारी किया गया था। मुख्य न्यायाधीश के नाम संबोधित पत्र में शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर अवकाश घोषित करने का आग्रह किया था।
हालांकि वकीलों द्वारा पत्र लिखकर छुट्टी की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है। हाईकोर्ट के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार ने धनतेरस पर अवकाश घोषित करने की मांग नहीं मानी है। ऐसे में 6 नवंबर को प्रदेशभर में अदालतों में सामान्य रूप से कामकाज किया जाएगा।
जबलपुर हाईकोर्ट, अन्य दोनों खंडपीठों और जिला न्यायालयों में पूर्व में अधिवक्ताओं की अवकाश की मांग मानी भी जा चुकी है। वकीलों के आग्रह पर कोर्ट ने प्रदेशभर में 27 अगस्त को छुट्टी घोषित कर दी थी। ईद मिलादुन्नबी और रक्षाबंधन की छुट्टियों के बीच यह अवकाश घोषित किया गया था। अवकाश में किए गए इस बदलाव के बाद प्रदेश के सभी कोर्ट में लगातार तीन दिन तक अवकाश रहा। कुछ कोर्ट में तो पूरे 5 दिनों का अवकाश मिल गया था। न्यायिक कर्मचारियों को 3 दिनों की घोषित छुट्टी के साथ ही शनिवार और रविवार का नियमित साप्ताहिक अवकाश भी मिल था।