इंदौर

‘लोन तुरंत मिलेगा, 5% कट देना होगा’, इंदौर में आधार-पैन लेकर चल रहा लोन का धंधा

Loan Agent: सड़क किनारे बैठे एजेंट आधार-पैन लेकर ऐप से तुरंत लोन दिलाने का दावा कर रहे हैं और 5% कमीशन मांगते हैं। ये ज्यादातर प्राइवेट लोग हैं।
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Sep 22, 2026
आधार-पैन कार्ड पर लोन (Photo Source - Patrika)
आधार-पैन कार्ड पर लोन (Photo Source - Patrika)

Indore news:मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में प्रमुख मार्गों और चौराहों पर आजकल एक नया धंधा पनप रहा है। सड़क किनारे बाइक पर बैनर लगाकर बैठे दर्जनों एजेंट मात्र आधार और पैन कार्ड लेकर मिनटों में मोबाइल ऐप से लोन दिलाने का दावा कर रहे है। 'पत्रिका' रिपोर्टर ने आम ग्राहक बनकर इन तथाकथित लोन एजेंट की हकीकत जानी। लाइन से बैठे ये लोग किसी सरकारी या बड़े बैंक के कर्मचारी नहीं है, बल्कि अधिकांश पूरी तरह से प्राइवेट लोग है।

इन एजेंटों से लोन प्रक्रिया के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि लोन तो तुरंत मिल जाएगा, लेकिन इसके बदले में लोन राशि का 5% नकद कमीशन (कट) एजेंट को देना होगा। इसके अलावा ग्राहकों को 18 प्रतिशत साल का ब्याज का देना पड़ेगा। वित्तीय नियमों के अनुसार, कोई भी अधिकृत बैंक या वित्तीय संस्था इस तरह से सड़क किनारे कमीशन लेकर लोन नहीं बांटती है। इतना ही नहीं, एजेंट का दावा है कि पहले आपको अपना आधार और पैन कार्ड देना होगा, उसके बाद सिबिल स्कोर की जांच के बाद बताया जाएगा कि कितना लोन मिल सकता है। उसकी भी कुछ शर्तें हैं।

ऐप से हो रहा खेल

ये एजेंट किसी बैंक के बजाय मोबाइल में लोन ऐप डाउनलोड करवाते हैं। इस प्रक्रिया में फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी और निजी मैसेज का पूरा एक्सेस ले लेते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स चातक वाजपई के मुताबिक, कुछ एजेंट बैंक के होते है, कुछ फर्जी होते हैं। ऐप डाउनलोड से जाहिर है कि ओटीपी भी आता है। एजेंट आपका डाटा पूरी तरह से एक्सिस कर लेता हैं और उसका दुरुपयोग किया जा सकता है। एक बार जब आप इन्हें आधार और पैन कार्ड थमा देते हैं तो 'आइडेंटिटी' पूरी तरह चली जाती है। आपके और परिवार के फोटो के साथ छेड़‌छाड़ की जा सकती है।

सड़क किनारे लोगों के पैन-आधार कार्ड इकट्ठा कर फ्रॉड भी हो सकता है। अगर लोन की जरूरत है तो किसी बैंक में जाएं। सड़क पर बैठे अनजान लोगों के चक्कर में फंसकर न सिर्फ भारी कमीशन और ब्याज के जाल में फंसेंगे, बल्कि निजी डेटा और दस्तावेज भी अपराधियों के हाथ लग सकते हैं। राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी क्राइम

सड़क पर लोन दिलाने के नाम पर फ्रॉड तो नहीं हो रहा, हम जल्द ही ऐसे स्थानों पर पुलिस की टीम भेजकर वेरिफाई करवाएंगे। यदि कोई फर्जीवाड़ा मिला तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -राजेश वंडोतिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम

Updated on:
22 Sept 2026 09:19 am
Published on:
22 Sept 2026 09:18 am