इंदौर

‘महिला की बद्दुआ ने रद्द करवाया मीनाक्षी नटराजन का नामांकन’, इंदौर में पूर्व कैबिनेट मंत्री का बड़ा बयान

Usha Thakur on Meenakshi Natarajan nomination: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन पर भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि- मीनाक्षी जी का नामांकन बद्दुआ की वजह से निरस्त हुआ।

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Jun 12, 2026
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Meenakshi Natarajan nomination row: भाजपा विधायक उषा ठाकुर का मीनाक्षी नटराजन पर बड़ा बयान (फोटो सोर्स- patrika)

Rajya Sabha Elections: शुक्रवार दोपहर सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की रिट याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिका यह कहते हुए खारिज की कि यह याचिका सुनवाई के योग्य नहीं है। बता दें कि, मंगलवार को भोपाल में निर्वाचन अधिकारी (RO) अरविंद शर्मा ने आपराधिक मामला छिपाने के कारण मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) के लिए दाखिल नामांकन को निरस्त कर दिया था। इस मामले पर अब मध्य प्रदेश शासन में पूर्व पर्यटन मंत्री और वर्तमान विधायक उषा ठाकुर (BJP MLA Usha Thakur) का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। विधायक ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 'बद्दुआ' की वजह से रद्द हुआ है।

पीड़ित महिला की बद्दुआ के कारण रद्द हुआ नामांकन- विधायक उषा ठाकुर

पूर्व कैबिनेट मंत्री और महू से विधायक उषा ठाकुर ने इंदौर में एक प्रेसवार्ता की। यहां उन्होंने मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मीनाक्षी का नामांकन रद्द होने को लेकर उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि 'तेलंगाना की महिला अपनी पीड़ा लेकर मीनाक्षी नटराजन)के पास आई थी। उन्हें उस महिला की पीड़ा को सुनना था और जिस व्यक्ति पर आरोप लगे उस पर कार्रवाई करनी थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बल्कि मीनाक्षी ने आरोपी व्यक्ति का संरक्षण किया।

विधायक ने आगे कहा कि 'पीड़िता आज भी न्याय के लिए भटक रही है। न्याय की व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि अपराधी व्यक्ति और उसका संरक्षण करने वाले को सजा मिलेगी और बेटी को न्याय मिलेगा। मैं तो कहूंगी कि मीनाक्षी नटराजन का जो फॉर्म निरस्त हुआ वह निश्चित रूप से उस महिला की बद्दुआएं हैं। इस लिए जो उनका फॉर्म निरस्त हुआ वो उनकी और कांग्रेस पार्टी की गलतियां है और वह आरोप भाजपा पर लगा रही हैं।'

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की मीनाक्षी की रिट याचिका

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मीनाक्षी नटराजन की रीट याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका को खरीब कर दिया कि नामांकन (Meenakshi Natarajan nomination) रद्द होने के बाद उपलब्ध संवैधानिक रास्ता चुनाव आयोग के पास जाना है। अदालत ने यह भी पूछा कि अब तक ऐसा कौन सा मामला सामने आया है जिसमें न्यायालय ने नामांकन रद्द करने के फैसले में हस्तक्षेप किया हो। मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करने के बाद कोर्ट ने मीनाक्षी की याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जाने की सलाह दी। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चुनाव याचिका दायर करने की छूट दी है। मीनाक्षी नटराजन अब एमपी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।

Published on:
12 Jun 2026 11:33 pm