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World Hepatitis Day : सिर्फ बारिश नहीं दूषित भोजन-पानी और असुरक्षित टैटू बढ़ा रहे हेपेटाइटिस, इंदौरी रहें सतर्क

World Hepatitis Day : शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग में हेपेटाइटिस-बी के हर महीने करीब 50 से 60 केस पहुंच रहे हैं। इनमें 10 फीसदी को भर्ती तक करना पड़ रहा है।
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World Hepatitis Day

World Hepatitis Day (दूषित भोजन-पानी और असुरक्षित टैटू बढ़ा रहे हेपेटाइटिस Photo Source- Patrika)

Indore News : अब सिर्फ बारिश ही नहीं पूरे साल हेपेटाइटिस संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। जिसकी प्रमुख वजह दूषित भोजन और पानी के साथ - साथ बिना स्वच्छता मानकों के टैटू बनवाना सामने आया है। मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विभाग में हेपेटाइटिस-बी से ग्रस्त हर माह लगभग 50 से 60 केस पहुंच रहे हैं। इनमें 10 फीसदी को भर्ती तक करना पड़ रहा है।

साथ ही, अधिक मोटापा, शुगर भी हेपेटाइटिस को बढ़ा रही है। फैटी लिवर के कारण ये पता नहीं चलता जो आगे चलकर लिवर सोरायसिस में बदल रहा है। फैटी लिवर के करीब 200 केस हर माह अस्पताल आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी हर माह मरीज आ रहे हैं। लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते इंदौरियंस को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

बाहर के खाने का ट्रेंड बढ़ा रहा मुसीबत

वहीं, डॉक्टर्स के अनुसार, हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-ई दूषित भोजन और पानी से फैलते हैं। जलस्रोतों के दूषित होने और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। क्योंकि, जो लोग अधिकतर घर से बाहर निकलते हैं वो कहीं भी खाना, पानी पीने की आदत बना लेते हैं। शहर में बाहर खाने का ट्रेन काफी अधिक है। लेकिन यही ट्रेंड अब लोगों के लिए नुकसानदायक साबित होने लगा है।

शहर में बढ़ रहा टैटू का चलन

शहर में पिछले कुछ सालों में फैशन के चलते बड़ी संख्या में युवा टैटू करा रहे हैं। यदि एक ही सुई या उपकरण का दोबारा उपयोग किया जाए या उसे सही तरीके से स्टरलाइजेशन न किया जाए तो हेपेटाइटिस-बी और सी का संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

यह होती है हेपेटाइटिस बीमारी

हेपेटाइटिस ऐसी बीमारी है जो लिवर को प्रभावित करती है। यह एक वायरल संक्रमण है, जिसके कारण लिवर में सूजन हो जाती है। हेपेटाइटिस के कई प्रकार होते हैं, जैसे.. हेपेटाइटिस, ए, बी, सी, डी, ई। इनमें से हेपेटाइटिस-बी और सी सबसे खतरनाक होता है। क्योंकि ये वर्षों तक बिना किसी लक्षण के शरीर में रहकर लिवर को नुकसान पहुंचाता रहता है और ज्यादातर मामलों में हालात अधिक बिगड़ने पर ही पीड़ित को इसकी पुष्टि हो पाती है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर 30 सेकंड में एक व्यक्ति हेपेटाइटिस से संबंधित स्थिति के कारण जान गंवा देता है।

हेपेटाइटिस के प्रमुख कारण

-दूषित भोजन और संक्रमित पानी का सेवन
-संक्रमित रक्त चढ़ाना या असुरक्षित रक्त का उपयोग
-संक्रमित सुई, सिरिंज या अन्य चिकित्सा उपकरणों का उपयोग
-असुरक्षित टैटू या पियर्सिंग करवाना
-लंबे समय तक अत्यधिक शराब का सेवन
-मोटापा और अनियंत्रित मधुमेह

ये भी जानें

-60 मरीज हर माह पहुंच रहे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
-10 मरीजों को हेपेटाइटिस ए और ई के कारण हो रहे भर्ती
-200 मरीज हर माह फैटी लिवर वाले पहुंच रहे अस्पताल।

बचाव के उपाय

-हेपेटाइटिस बी का टीका अवश्य लगवाएं।
-इंजेक्शन और सर्जिकल उपकरण डिस्पोजेबल या स्टरलाइजेशन हो।
-टैटू और दंत चिकित्सा केवल प्रमाणित संस्थानों से कराएं।
-स्वच्छ भोजन और शुद्ध पानी का सेवन करें।
-शराब के सेवन से बचें, संतुलित आहार और व्यायाम करें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

-शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अमित अग्रवाल का कहना है कि, हेपेटाइटिस-बी के हर महीने लगभग 50 से 60 केस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आते हैं। मोटापे के कारण हेपेटाइटिस कॉमन को गया है। इसके हर माह लगभग 200 मरीज आते हैं। समय पर इलाज नहीं होने पर 10 से 15 फीसदी को लिवर सोरायसिस होकर लिवर खराब हो जाता है। हेपेटाइटिस-बी का प्रमुख कारण दूषित भोजन पानी होता है। आज टैटू का चलन बढ़ा है, यह भी इसका एक कारण है।

-गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. नीरज जैन ने बताया कि, हेपेटाइटिस की चुनौती यह है कि, शुरुआती चरण में लक्षण नजर नहीं आते। जोखिम वाले लोगों को लिवर जांच करानी चाहिए। दूषित भोजन-पानी से बचें, सुरक्षित इंजेक्शन का उपयोग करें और हेपेटाइटिस-बी का टीका अवश्य लगवाएं।

-गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. अरुण सिंह भदौरिया के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय-समय पर स्क्रीङ्क्षनग से लिवर को सुरक्षित रखा जा सकता है। हेपेटाइटिस-सी का प्रभावी इलाज उपलब्ध है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच आवश्यक है।