गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी, पुलिसकर्मी लोकश गाथे, राहुल जाट, संजीव धाकड़ को प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत किया है।
इंदौर/ मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के एक थाने में पदस्थ टीआई तहजीब काजी समेत 4 पुलिसकर्मियों को जीवनरक्षक पदक सम्मान मिला। पिछले साल शहर के एक होटल में आग लगने पर जांबाज टीम ने ने रेस्क्यू किया था। इस वीरता कार्य के लिए उन्हें बुधवार को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने विजय नगर थाना प्रभारी तहजीब काजी, पुलिसकर्मी लोकश गाथे, राहुल जाट, संजीव धाकड़ को प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत किया है। बता दें कि, पुलिसकर्मियों को ये सम्मान राष्ट्रपति द्वारा दिया जाना था, लेकिन कोरोना संकट के चलते ये सैरेमनी नहीं हो सकी, इसके चलते अब इंदौर पुलिस द्वारा कंट्रोल रूम में ही कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसलिए मिला जीवनरक्षक पदक
दरअसल, शहर के एमजी रोड स्थित सम्राट होटल में 8 मार्च 2019 की रात अचानक आग लग गई थी। आग होटल के बेसमेंट में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। यहां से उठा धुआं कमरों में घुसा तो अंदर ठहरे 23 लोगों में अफरा-तफरी मच गई। टीआई काजी ने रिसेप्शन से रजिस्टर लेकर देखा कि, कौन किस कमरे में ठहरा। अंदर धुआं और अंधेरा होने के कारण टीम होटल के बाहर सीढ़ियों से ऊपर चढ़ गई। टीआई ने पहले दूसरी मंजिल की बालकनी और कमरों के कांच हाथ से फोड़ा और लोगों का रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, रेस्क्यू के लिए हाथ से कांच फोड़ने पर उनके हाथ में कांच लग गया था, जिसके चलते उन्हें गंभीर चोट भी आई थी।
रेस्क्यू के दौरान टीम ने दिया था सूझबूझ का उदाहरण
रेस्क्यू करने के लिए टीम द्वारा होटल के बाहर सीढ़ियां लगाकर लोगों को नीचे उतार लिया था। इस दौरान होटल में ठहरे झारखंड के अनुरंजन कुमार आग की खबर सुनते ही होटल की दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए थे, जिसके चलते उनके हाथ-पैरों में चोट आ गई थी। पांचवीं मंजिल पर रूम नंबर 561 में एक वृद्ध दंपती ठहरे थे। फायर मास्क पहने फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने बड़ी सूझबूझ के साथ उनका रेस्क्यू कर जान बचाई थी।