
BJP Youth Wing Appointment MP- मध्यप्रदेश भाजपा में युवा मोर्चा और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व संयोजकों की नियुक्तियों के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। इंदौर जिले से भी कोर कमेटी के सदस्यों से नाम मांगे गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि सबकी रुचि युवा मोर्चा में ही है। सभी के पास कोई न कोई समर्थक का नाम है, जिसे वे युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनवाना चाहते है। इधर, कुछ नेताओं ने अब तक नाम नहीं दिए है जिन्हें 21 जून तक देना जरूरी है। उसके बाद संभागीय व जिला प्रभारी और नगर अध्यक्ष मिलकर पैनल तैयार करेंगे।
पिछले दिनों नगर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने गुगली फेंकते हुए सभी सदस्यों से मोर्चा प्रकोष्ठों में नियुक्ति को लेकर नाम मांग लिए थे। ये सुनते ही कई नेता सकते में आ गए और बोल पड़े कि सार्वजनिक कैसे दे सकते हैं। उन्हें मालूम था कि किसी एक का नाम दिया तो बाकी दावेदारों से उनकी बुराई हो जाएगी। अधिकांश नेताओं ने कई दावेदारों को लॉलीपॉप दे रखा था।
वहीं, सारे पत्ते ओपन होने से समर्थक के दौड़ से बाहर होने का अंदेशा भी ज्यादा रहता है जिसके चलते कुछ नेताओं ने अकेले में नाम देने की बात कही। आखिर तय हुआ कि 21 जून तक सभी नेता मोर्चा प्रको के लिए अपने अपने नाम दे दे ताकि समय पर पैनल बनाकर भोपाल भेजी जा सके। इसके बाद से नगर अध्यक्ष मिश्रा लगातार सभी नेताओं से संपर्क कर सूची मांग रहे है। वैसे तो अधिकांश ने दे दिए हैं, लेकिन कुछ नेता बाकी है। चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई है कि अधिकांश नेताओं की रुचि युवा मोर्चा में नजर आई। वे चाहते हैं कि उनके समर्थक को मौका दिया जाए।
महिला मोर्चा के नाम देने में कुछ नेता बचते नजर आए। उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे किसी विवाद में पड़ना नहीं चाहते है। इस बार पिछड़ा और अजा वर्ग के लिए भी कई नेताओं के पास मजबूत नाम है। बताया जा रहा है कि जो भी सदस्य समय पर नाम दे देंगे उन पर विचार हो पाएगा। आए नामों की सूची बनाकर संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह रावत, जिला प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी और नगर अध्यक्ष मिश्रा मंथन कर पैनल बनाकर भोपाल भेज देंगे।
भाजयुमो नगर अध्यक्ष बनने के इच्छुक दावेदारों की फेहरिस्त दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। कोर कमेटी के हर सदस्य के पास दो से अधिक नाम हैं। हालांकि प्राथमिकता उन्होंने एक को ही दी है, तो दूसरा नाम मन रखने के लिए दिया। कोर कमेटी की राय से पहले ही एक दर्जन से अधिक दावेदार थे, लेकिन ये संख्या में विस्फोटक वृद्धि हो रही है। हालांकि नियुक्ति के समय सारे समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा।