
Indore News : 'पोहा रोजगार के लिए बहुत अच्छा है, सुबह 4 बजे शहर में कहीं पर भी ठेला लगा लो और बेचकर निकल जाओ। नगर निगम वाले तो सोकर भी नहीं उठते हैं।' ये बात रविवार को मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सूबे के आर्थिक शहर इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। हालांकि, ये बात कहने के बाद कैलाश विजयवर्गीय के साथ - साथ आसपास मौजूद अन्य लगभग सभी हंस दिए। वहीं, बाद में लोगों ने कहा कि, विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन विभाग के ही मंत्री हैं और इंदौर नगर निगम भी उन्हीं के विभाग में आता है।
निगम शहर में यहां-वहां ठेला लगाने वालों पर कार्रवाई करता है, वहीं मंत्री खुद सुबह - सुबह किसी भी स्थान पर ठेला लगाने की सलाह दे रहे हैं। शहर में फुटपाथ और ठेला संचालकों ने विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि, यही बात विजयवर्गीय निगम वालों से बोल दें कि, ठेला लगाने वालों को परेशान न किया जाए तो कितना अच्छा होगा।
हालांकि बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। चर्चा है कि, मंत्री विजयवर्गीय नगर निगम पर तंज कस रहे हैं कि, सुबह - सुबह नगर निगम वाले उठते ही नहीं हैं। जबकि, निगम का विशेष सफाई अमला रातभर मैदान में रहता है। निगम के इस क्लीन मॉडल को देश के कई शहर अपना रहे हैं।
दरअसल, रविवार को राजबाड़ा पर विश्व साइकिल दिवस और पोहा दिवस पर आयोजन किया गया। इसमें युवाओं, स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। राजबाड़ा पर सैकड़ों साइकिल सवार जुटे और फिट इंदौर के संदेश के साथ साइकिल चलाई।
आयोजन में विधायक रमेश मेंदोला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पार्षद रुपाली पेंढारकर आदि ने भाग लिया। साइकिल चलाने के बाद सभी प्रतिभागियों और बच्चों के लिए पोहे का इंतजाम किया गया था। विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने पोहा बनाकर बच्चों और छात्रों को परोसे।
विजयवर्गीय ने आयोजन को संबोधित करते हुए कहा कि पोहा खाओ, स्वस्थ रहो। मैदा नहीं खाना है। मैदे के सामान से लेंगे लोहा और हर व्यक्ति खाएगा पोहा। मैदा बच्चों को नहीं खिलाना है। इंदौर में कम से कम 5 हजार लोग पोहे के रोजगार से जुड़े हैं। इंदौर ही ऐसा शहर है, जहां रात 2 बजे भी पोहा मिलता है। बाकी जगह सिर्फ सुबह-सुबह ही मिलता है।