
Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के डॉ. आंबेडकर नगर (महू) इन दिनों मानसून की फुहारों से पातालपानी, कालाकुंड और विंध्याचल की वादियां इन दिनों अपने पूरे शबाब पर हैं। झरनों की गूंज, हरियाली से ढकी पहाड़ियां और बादलों की ओट में छिपे प्राकृतिक नजारे देखने के लिए रोज बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। लेकिन, इस खूबसूरत मौसम में भी प्रदेश के इकलौते पातालपानी - कालाकुंड हेरिटेज ट्रेक की सबसे बड़ी पहचान मानी जाने वाली हेरिटेज ट्रेन अब तक पटरी पर नहीं लौट सकी है।
अगस्त का पहला सप्ताह शुरू हो चुका है, बावजूद इसके ट्रेन का संचालन शुरू नहीं होने से पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की उम्मीदें फिलहाल अधूरी हैं। कुछ दिन पहले पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय और रतलाम मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार ने पातालपानी से कालाकुंड तक हेरिटेज ट्रैक का निरीक्षण किया था। उस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि, हेरिटेज कॉरिडोर का निर्माण कार्य ट्रेन संचालन में बाधा नहीं बनेगा और अगस्त से हेरिटेज ट्रेन फिर से शुरू कर दी जाएगी। इस घोषणा के बाद स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों और सैलानियों में उत्साह था, लेकिन तकनीकी कारणों से अब तक ट्रेन पटरी पर नहीं लौट पाई है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, हेरिटेज ट्रेन के कोच नियमित तकनीकी मेंटेनेंस के लिए बीकानेर वर्कशॉप भेजे गए हैं। कोच अभी तक वापस नहीं आ सके हैं, इसलिए संचालन शुरू नहीं किया जा सका है। उनका कहना है कि, मेंटेनेंस पूरा होते ही समय - सारणी जारी कर ट्रेन को फिर से संचालित किया जाएगा।
इन दिनों पातालपानी और कालाकुंड पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक हेरिटेज ट्रेन की जानकारी लेते नजर आ रहे हैं। स्टेशन और पर्यटन स्थलों पर सबसे अधिक पूछा जाने वाला सवाल यही है कि, आखिर ट्रेन शुरु कब से होगी। मानसून के दौरान ये ट्रेन विंध्याचल की पर्वतमालाओं, घने जंगलों, गहरी घाटियों, ऊंचे पुलों और सुरंगों के बीच से गुजरते हुए ऐसा रोमांचक अनुभव कराती है जो प्रदेश में कहीं और उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि, हर साल यहां हजारों पर्यटक विशेष रूप से इस अद्भुत सफर का आनंद लेने पहुंचते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना आगे बढ़ने के बाद ये ट्रेन संभवत: अपने मौजूदा स्वरूप में अंतिम बार संचालित होगी। भविष्य में ट्रैक के आधुनिकीकरण के साथ पर्यटकों को विस्टाडोम कोच, संभावित ओपन कोच और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस नई हेरिटेज ट्रेन का अनुभव देने की योजना बनाई जा रही है।
हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना के तहत पातालपानी-कालाकुंड रेलखंड का व्यापक उन्नयन किया जा रहा है। इसमें ट्रैक सुधार, बेहतर रखरखाव, आधुनिक क्रॉसिंग व्यवस्था और संचालन क्षमता बढ़ाने जैसे कार्य शामिल हैं। रेलवे की योजना भविष्य में ट्रेन के फेरों की संख्या बढ़ाकर अधिक पर्यटकों को इस प्राकृतिक धरोहर तक पहुंचाने की है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलेगी।
करीब 9.5 किलोमीटर लंबा पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेक मध्यप्रदेश का इकलौता घोषित हेरिटेज रेल ट्रैक है। विंध्याचल की सुरम्य वादियों, घने जंगलों, गहरी घाटियों, पहाड़ी मोड़ों और प्राकृतिक झरनों के बीच से गुजरने वाला यह सफर देशभर के रेल और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। हर मानसून में हजारों पर्यटक इस ट्रेन से सफर कर प्रकृति का अनूठा अनुभव लेने पहुंचते हैं।
रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि हेरिटेज ट्रेन के संचालन के संबंध में अभी तक अंतिम निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। कोच बीकानेर वर्कशॉप में मेंटेनेंस के लिए भेजे गए हैं। उनके लौटते ही संचालन की तारीख घोषित कर दी जाएगी।