
MP News: पीथमपुर में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने जामोदी के किसानों को मुआवजा बढ़ाकर देने का फैसला किया है, जिससे शासन के खजाने पर 30.52 करोड़ रुपए अतिरिक्त भार आएगा। ग्रामीणों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी दरवाजा खटखटाया था। किसानों ने तर्क दिया कि आसपास के तीन गांव की गाइड लाइन 80 लाख रुपए हेक्टेयर थी, जबकि जामली में महज 56 लाख रुपए से मुआवजा क्यों लें।
प्रधानमंत्री ने सालभर पहले लॉजिस्टिक पार्क की आधारशिला रखी थी, देश में 35 पार्क बनाए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि औद्योगिक क्षेत्र के उत्पादों के परिवहन में समय व ढुलाई लागत कम की जा सके। 1110 करोड़ की लागत से यह पीथमपुर के पास जामोदी, खेड़ा, अकोलिया, सागौर की 255.17 एकड़ (112.60 हेक्टेयर) जमीन पर विकसित होना है 60 फीसदी ही जमीन अधिग्रहण हो पाया। जामोदी के किसानों ने मुआवजे का विरोध कर दिया।
-अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क बनने पर 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की आस है।
-बड़े प्रतिष्ठानों का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत को घरेलू उत्पाद के 8-9 प्रतिशत तक कम करना है, जो वर्तमान में 14 प्रतिशत है।
-इंदौर के साथ आसपास के जिलों में उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के तमाम अवसर पैदा होंगे।
-प्रदूषण में कमी आएगी। बड़े ट्रक और मालगाड़ी से सामान पहुंचेगा। जाम से राहत मिलेगी।
-सामान ढुलाई में कम समय लगेगा।
अक्टूबर 2023 में पार्क के लिए भू-अर्जन किया गया, तब जामोदी की गाइड लाइन 56 लाख रुपए हेक्टेयर थी। वहीं, खेड़ा, अकोलिया व सागौर की जमीन की गाइड लाइन 80 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर थी जबकि गांव आपस में लगे हुए हैं। इसके चलते किसानों ने विरोध कर दिया।
कोर्ट के निर्देश बाद धार कलेक्टर ने भू-अर्जन की कार्रवाई कर जमीन पर एमपीएआइडीसी के लिए कब्जा लेना शुरू कर दिया है। कार्रवाई के विरोध में किसान परिवार सामने आए। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथ बर्बरता से पिटाई कर पकड़ ले गई। घंटों थाने में बैठाकर प्रताड़ना दी गई। अपराधियों की तरह किसानों से व्यवहार कर रही है।
जामोदी के किसानों की 63.581 हेक्टेयर जमीन पार्क में आ रही थी, जो कि सबसे अधिक है। इसके चलते किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। मामले में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए फैसला किया कि सभी जमीन मालिकों को 80 लाख रुपए हेक्टेयर के मान से मुआवजा दिया जाए यानी गाइड लाइन के अतिरिक्त 24 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना से लॉजिस्टिक अधोसंरचना का विकास होगा। लॉजिस्टिक कास्ट कम होगी। आसानी से पीथमपुर का उत्पादन देश में कहीं भी पहुंचाया जा सकेगा। इस सुविधा से क्षेत्र में बड़ी मात्रा में निवेश होगा। -राजेश राठौर, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी इंदौर व उज्जैन