
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त टीम रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है जहां एक बीआरसी को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है।
आवेदक रामविलास गुर्जर संचालक द सेंट पीटर्स कॉन्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल, नगीन नगर ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि स्कूल की मान्यता के नवीनीकरण के बदले नीरज गर्ग, खंड श्रोत समन्वयक (BRC) इंदौर शहर - 1, शिक्षा विभाग ने उससे 80 हजार रूपये रिश्वत की मांग की है। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार (26 अगस्त) को रिश्वतखोर BRC नीरज गर्ग को कालानी चौराहे पर 30 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
आवेदक रामविलास गुर्जर के मुताबिक एक दिन पहले 25 अगस्त को वो रिश्वतखोर बीआरसी नीरज गर्ग के कहने पर 50 हजार रूपये की राशि पड़ोस के ओएसिस स्कूल के कर्मचारी कमल सिंह वीरजी को दे चुका है। बाकी के 30 हजार रूपये की रिश्वत देने के लिए उसे रिश्वतखोर बीआरसी नीरज गर्ग ने कालानी चौराहे पर शाम 6 बजे बुलाया था। वहीं पर लोकायुक्त ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया और रिश्वतखोर बीआरसी को रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है।