इंदौर

अब शादी से पहले सिकलसेल कार्ड की होगी जांच, प्रस्ताव पारित

MP News: इंदौर के झाबुआ जिले में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा अब सिकलसेल कार्ड देखने देखने की पहल विवाह से पहले, सिकलसेल एनिमिया की रोकथाम और जागरुकता बढ़ाने की पहल...
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Mar 13, 2026
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MP News: ([photo: patrika)

MP News: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए स्वास्थ्य जागरुकता और आधुनिक कृषि पद्धतियों को साथ लेकर आगे बढऩा जरूरी है। जनजातीय क्षेत्रों में सिकलसेल एनीमिया की रोक थाम और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए अब विवाह से पहले सिकलसेल कार्ड देखने की पहल शुरू की गई है।

ग्रामसभाओं में प्रस्ताव पारित

प्रदेश के 89 आदिवासी ब्लॉकों में पेसा एक्ट के तहत ग्रामसभाओं में प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया गया है कि युवक-युवती की शादी से पहले सिकलसेल कार्ड की जांच होगी। सिकलसेल एनीमिया जैसी आनुवांशिक बीमारी के प्रति समाज में जागरुकता बढ़ाना, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना तथा किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों से जोडऩा सरकार की प्राथमिकता है।

राज्यपाल अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय सिक लसेल एनीमिया जागरुकता कार्यक्रम और कृषि उपकरण व बीज वितरण कार्यक्रम में शामिल होने झाबुआ पहुंचे थे।

झाबुआ-आलीराजपुर में पायलट परियोजना

राज्यपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 नवंबर 2021 को राष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया उन्मूलन मिशन शुरू कि या गया था। इसके पहले चरण में झाबुआ और आलीराजपुर जिलों में पायलट परियोजना प्रारंभ की गई।

प्रदेश में 1.30 करोड़ से अधिक जांच

राज्यपाल ने बताया कि अब तक 1 करोड़ 30 लाख 95 हजार से अधिक जांचें की जा चुकी हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। साथ ही 1 करोड़ से अधिक डिजिटल कार्ड भी वितरित किए गए हैं। इंदौर में गर्भावस्था के दौरान जांच की सुविधा उपलब्ध है।

कृषि उपकरण और बीज का वितरण

झाबुआ और आलीराजपुर जिले के 300 से अधिक जनजातीय कि सानों को कृषि उपकरण और बीज वितरित किए गए। कृषि आदानों की लागत 36 लाख से अधिक बताई गई है। राज्यपाल ने क हा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को कृषि किट उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

Updated on:
13 Mar 2026 11:30 am
Published on:
13 Mar 2026 09:47 am