
MP Politics-इंदौर में पार्षद संध्या यादव पर टिप्पणी कर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जमकर ट्रोल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बयान पर सफाई भी दी है, वहीं संध्या यादव ने उनका समर्थन किया है। इस बीच मंगलवार शाम को कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा का भी बयान आया है। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय की भाषा पर कहा है कि उनकी भाषा अनपढ़ व्यक्ति जैसी हो गई है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का यह बयान एएनआई पर जारी हुआ है। कैलाश विजयवर्गीय के बयानों पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि "मुझे लगता है कि कैलाश विजयवर्गीय अभी मानसिक रूप से परेशान या अस्थिर दौर से गुज़र रहे हैं। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उन्हें बिना किसी सम्मान के दरकिनार किए जाने के कारण वे अपना आपा खो रहे हैं। उनके विभाग में कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है और वे अपना संतुलन खोते हुए दिख रहे हैं। नतीजतन, उनकी भाषा पूरी तरह से असभ्य हो गई है, जो किसी अनपढ़ व्यक्ति जैसी लगती है…"
इधर, पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पार्षद संध्या यादव पर दिए बयान पर कहा, "माननीय बहुत वरिष्ठ हैं और जो हमारी पार्षद बहन हैं संध्या यादव, बाल काल से ही वो उनकी गोद में खेली-पली हैं। उनकी संतानवत हैं वो। कुछ उन्होंने कह दिया, स्नेहवश कहा होगा कि भाई सेहत के प्रति जागरूक हो और चिंता करो। कांग्रेस के पास तो कोई मुद्दे हैं नहीं, तो हमारे घर में क्या हो रहा है, ये उनको बताने की आवश्यकता नहीं है…"
बीजेपी की महिला पार्षद पर दिए आपत्तिजनक बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खेद व्यक्त किा है। पार्षद संध्या यादव को बताया बेटी जैसी। विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर स्थिति भी स्पष्ट की है।
इंदौर के वार्ड-6 में विकास कार्यों के लोकार्पण के मंच पर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी ही पार्टी की पार्षद संध्या यादव को संबोधित करते हुए कहा था कि संध्या दीदी की भी चौड़ाई थोड़ी बढ़ गई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर कैलाश विजयवर्गीय ट्रोल होने लगे और लोग उन्हें जमकर लताड़ने लगे।
पार्षद संध्या यादव ने मंत्री कैलाश विजय विजयवर्गीय के बॉडी शेमिंग वाले बयान पर कहा, "कांग्रेसी हर चीज को मुद्दा बना लेते हैं… उस भूमि-पूजन और लोकार्पण के आयोजन में भाई साहब ने जो भी बात बोली है, हमारा पिता-पुत्री का रिश्ता है… माननीय कैलाश जी भाई साहब जो पार्षद थे, मैं बहुत छोटी सी थी, उन्होंने मुझे गोद में खिलाया है, हमारा पिता-पुत्री का रिश्ता है। तो मेरा तो निवेदन है कि इसे अन्यथा न लिया जाए और किसी प्रकार से इसमें कमेंट्स भी न किए जाएं…"