Transport Department indore: शहर में अचानक निजी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए भी वीएलटी डिवाइस की अनिवार्यता दिखने लगी है।
Transport Department indore: परिवहन विभाग की एक तकनीकी गड़बड़ी ने मध्यप्रदेश के हजारों वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ा दी है। बीते दो दिनों से वाहन रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के दौरान पोर्टल पर नई शर्त दिखाई दे रही है, जिसमें पुरानी कारों और दोपहिया वाहनों में जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग (वीएलटी) डिवाइस लगाना अनिवार्य बताया दिया गया, जबकि यह सिर्फ कमर्शियल वाहनों के लिए या अनिवार्य है। इस डिवाइस की कीमत करीब 10 से 15 हजार रुपए तक है। वाहन मालिकों का कहना है कि बिना इस सिस्टम की जानकारी भरे पोर्टल आगे की प्रक्रिया स्वीकार नहीं कर रहा।
इससे रिन्यूअल की फाइलें अटक गई है और आरटीओ कार्यालयों में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। वाहन एजेंटों के अनुसार पहले यह नियम केवल कमर्शियल वाहनों के लिए लागू था। अब अचानक निजी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए भी वीएलटी डिवाइस की अनिवार्यता दिखने लगी है। जैसे ही रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के लिए आवेदन खोला जा रहा है, पोर्टल पर वीएलटी नंबर और उससे जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है।
कई वाहन मालिकों ने इसे लेकर आपत्ति ली है। उनका कहना है कि पुरानी बाइक या कार के रिन्यूअल पर अतिरिक्त 15 हजार रुपए खर्च करना सामान्य लोगों के लिए संभव नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर यह नियम लागू किया गया तो बड़ी संख्या में वाहन मालिक रिन्यूअल ही नहीं करवा पाएंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह किसी तकनीकी त्रुटि के कारण हुआ है। विभाग के मुताबिक निजी वाहनों के लिए फिलहाल ऐसा कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है। अधिकारियों ने दावा किया है कि पोर्टल में सुधार की प्रक्रिया चल रही है और दो-तीन दिनों में समस्या दूर कर दी जाएगी। इधर, तकनीकी गड़बड़ी के चलते रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल का काम प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश में 5 हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए हैं। प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरई) द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर में 26 अप्रेल से लेकर 10 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा रेकॉर्ड तोड़ चालानी कार्रवाई की गई है। पूरे प्रदेश में हेलमेट नहीं पहनने वाले दो पहिया वाहन चालकों के 98 हजार चालानी कार्रवाई की गई है। जिससे 2.87 करोड़ से अधिक की रकम वसूली गई है। अभियान के अंतर्गत ट्रैफिक पुलिस ने चालान काटने के साथ नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में सख्ती दिखाई है। इसमें करीब 5253 ड्राइविंग लाइसेंसों को निरस्त भी कर दिया गया है।