इंदौर

न OTP आया, न दिया कोई Link फिर भी खाते से उड़ा लिए 24 लाख, ठगी का ये तरीका कर देगा हैरान

Online Fraud : जैन साध्वी के बैंक खाते से 24 लाख की साइबर ठगी। अलग-अलग 6 ट्रांजेक्शनों में उड़ाई दान की रकम। साध्वी बोलीं- न कोई ओटीपी आया और न ही कोई लिंक मिला, फिर भी हो गया खाता खाली।

2 min read
CG Fraud News: रायपुर में करोड़ों की ठगी और सोने की चोरी, CCTV में सब साफ, व्यापारियों के लिए चेतावनी(photo-patrika)

Online Fraud :मध्य प्रदेश में साइबर पुलिस की लगातार सख्तियों के बावजूद अपराधियों के हौसले लगातर बुलंद होते जा रहे हैं। हालात ये हैं कि, अब इन ठगों के सामने आमजन तो छोड़िए कोई साधु-संत भी आ जाए तो ये उन्हें भी निशाना बनाने से गुरेज नहीं कर रहे। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली, सूबे के आर्थिक नगर इंदौर में, जहां इन साइबर अपराधियों ने एक जैन साध्वी के बैंक खाते से 24 लाख रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है।

इस मामले में चौंकाने वाली बात ये है कि, ठगों ने ये राशि बिना किसी ओटीपी या लिंक शेयर किए, सिर्फ 6 अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए पीड़िता के खाते से निकाल ली। यह रकम समाजजनों द्वारा साध्वी के आहार-विहार और धर्म कार्यों के लिए दान स्वरूप दी गई थी। घटना सामने आने बाद साध्वी ने शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरु कर दी है।

ये भी पढ़ें

एमपी में कड़ाके की ठंड, 5 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा, जारी हुआ बारिश का अलर्ट

साध्वी के बैंक खाते से 24 लाख की ठगी

पीड़िता के अनुसार, ठगी का शिकार होते ही उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज करा दी थी। एसपी (साइबर) सव्यसाची सराफ के अनुसार, ये धोखाधड़ी आर्यिका जयश्री माताजी संघ की वरिष्ठ साध्वी के साथ हुई है। पुलिस में शिकायत उनकी सेविका, बाल ब्रह्मचारिणी काजल दीदी ने दर्ज कराई है। जानकारी मुताबिक, साध्वी इस समय चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, उदयनगर (बंगाली चौराहा) में प्रवास पर हैं। उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बचत खाता है, जिससे साइबर अपराधियों ने 24 लाख की ठगी की है।

6 बार में उड़ाई रकम

मामले को लेकर एसपी (साइबर) सव्यसाची सराफ का कहना है कि, 21 दिसंबर से 23 के बीच कुल 6 बार में 24 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हुए हैं। मोबाइल पर मैसेज अलर्ट होने पर बैंक में पूछताछ की गई, जिसमें ठगी का पता चला। इस बारे में साध्वी का कहना है कि, उनके किसी भी प्रकार का कोई ओटीपी नहीं आया था।

'बिना ओटीपी के पैसे निकालना संभव नहीं'

वहीं, दूसरी तरफ साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो आमतौर पर बिना ओटीपी के पैसे निकालना संभव नहीं है या तो गलती से उनके द्वारा कोई एपीके फाइल इंस्टाल की गई होगी। इसके बाद उनके मोबाइल में ओटीपी भी आए होंगे, लेकिन वो हैकर ने देखे होंगे, इसलिए वो उनसे ओटीपी नहीं मांगेगा। इसके अलावा अगर सिर्फ कार्ड नंबर, एक्सपाइयरी डेट और सीवीवी किसी के हाथ लग गई तो उसमें ओटीपी की जरूरत नहीं होती।

Updated on:
15 Jan 2026 10:44 am
Published on:
15 Jan 2026 10:43 am
Also Read
View All

अगली खबर