
Indore news: मौसम में बदलाव के साथ शहर में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस से जुड़ी शिकायतों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। हैं। एमवाय अस्पताल अस्पताल सहित निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। कई मरीजों में वायरल संक्रमण के कुछ बाद खांसी और सांस की परेशानी बढ़ने पर निमोनिया के लक्षण सामने आ रहे हैं। एमवायएच के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंचने वाले 100 मरीजों में करीब 60 मरीज वायरल फीवर से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
इनमें बीमारी बढ़ने पर कुछ मरीजों को निमोनिया के कारण भर्ती तक करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में भी निमोनिया के लक्षण वाले मरीजों के भर्ती होने की स्थिति बनी है। डॉक्टरों के अनुसार, इस बार कई मरीजों में वायरल की शुरुआत सामान्य बुखार से अलग तरीके से हो रही है। शुरुआत में पैर और कमर में दर्द, शरीर टूटना, कमजोरी और हल्का बुखार रहता है। इसके बाद बुखार बढ़ने के साथ सर्दी, खांसी और गले में खराश की शिकायत होने लगती है।
अधिकांश मरीजों में संक्रमण की शुरुआत बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश व खांसी से हो रही है। सामान्य वायरल कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन बुखार बना रहता है और खांसी व सांस फूलने की शिकायत रहती है तो चिकित्सकीय जांच की जरूरत पड़ रही है।
तेज बुखार, बदन दर्द, खांसी, गले में खराश और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण स्वाइन फ्लू सहित कई वायरल संक्रमणों में दिखाई दे सकते हैं। मरीज इन लक्षणों के साथ अस्पताल आ रहे हैं। केवल लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती।
डॉक्टरों के अनुसार, बुजुर्ग, लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखें तो चिकित्सकीय सलाह लें। मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक शुरू न करें। छोटे बच्चे और पहले से बीमार वायरल संक्रमण में अधिक सावधानी बरतें।
मौसम परिवर्तन के कारण वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई मरीज स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण लेकर भी आ रहे हैं, लेकिन जांच के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं होती। इस सीजन में निमोनिया के मरीज भी बढ़े हैं और कुछ मरीजों को भर्ती करने की स्थिति बन रही है। डॉ. अशोक ठाकुर, मेडिसिन विभाग, एमवायएच