
Chhatron Ki Goonj: इंदौर आएंगे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, Gen-Z को करेंगे संबोधित (फोटो सोर्स- Rahul Gandhi Instagram)
Chhatron Ki Goonj Indore: महाराष्ट्र के पुणे शहर के बाद छात्रों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब इंदौर में बड़ा आयोजन करने जा रही है। ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 12 सितंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) इंदौर पहुंचेंगे। कांग्रेस ने उनके कार्यक्रम में मालवा-निमाड़ सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में जेन-जी छात्रों को जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। आयोजन नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित है। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से होगी। इसके बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों को आंकड़ों के साथ सामने रखा जाएगा और राहुल गांधी छात्रों को संबोधित करेंगे।
आयोजन के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर 8 से 12 सितंबर तक नेहरू स्टेडियम आरक्षित करने की मांग की है। राहुल गांधी की टीम के केबी बैजू शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निवास पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, रीना बौरासी, दीपू यादव, सदाशिव यादव, पिंटू जोशी सहित अन्य नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत कांग्रेस देशभर में छात्रों के मुद्दों को लेकर कार्यक्रम कर रही है। पहले यह आयोजन जबलपुर में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इंदौर का चयन किया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इंदौर प्रदेश का बड़ा शहर होने के साथ प्रमुख एजुकेशन हब है। हाल में जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन का असर भी इंदौर में देखने को मिला था और भंवरकुआं क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठे थे।
बता दें कि, दिल्ली में 13 अगस्त को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस प्रोजेक्ट से पैदा होने वाली समस्याओं और उनकी मांगों पर भी चर्चा की थी। राहुल ने सोशल मीडिया एक्स पर इस बारे में लिखा है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने के बावजूद पुलिस बल का प्रयोग कर उनका विरोध का अधिकार छीना गया। भाजपा सरकार ने फिर संवाद के स्थान पर अन्याय का रास्ता चुना। सरकारी योजना के लिए उनका गांव उजाड़ा गया, तो न्यायपूर्ण मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास की मांग तो उनका जायज हक है। राहुल ने लिखा है कि जल जंगल जमीन सिर्फ संसाधन नहीं, आदिवासी समाज की जीवन रेखा है।
Updated on:
30 Aug 2026 12:54 pm
Published on:
30 Aug 2026 12:54 pm
