
Indore news:एमपी के इंदैर शहर में मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर हुई है। नई याचिका में छोटा गणपति क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट जस्टिस संदीप एन. प एन. भट्ट ने कॉर्पोरेशन सहित अन्य से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई तक संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए है। अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी। यह याचिका महेश राठी ने अधिवक्ता अभिनव धानोतकर के जरिए दायर की है।
याचिका में कहा है कि स्टेशन का निर्माण 125 से 140 फीट नीचे प्रस्तावित है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में निजी मकानों और व्यावसायिक भवनों के नीचे इतनी गहराई में खुदाई और भूमिगत निर्माण से उनकी नींव तथा संरचनात्मक स्थिरता पर असर पड़ सकता है। छोटा गणपति स्टेशन की गहराई करीब 125 फीट होने की जानकारी भी सामने आई है। मिट्टी और भूगर्भीय परिस्थितियों के अध्ययन के बाद स्टेशन की डिजाइन में बदलाव और अधिक गहराई में निर्माण किए जाने की बात कही गई है।
याचिका में छोटा गणपति मंदिर सहित क्षेत्र के पुराने मंदिरों और विरासत महत्व की संरचनाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ता के मुताबिक गहरी खुदाई, कंपन और टनलिंग शुरू करने से पहले इन संरचनाओं का पर्याप्त स्ट्रक्चरल सेफ्टी असेसमेट जरूरी है। जुलाई में निर्माण के दौरान कंपन की शिकायतों के बाद काम रोके जाने और वाइब्रेशन तथा स्ट्रक्चरल सेफ्टी निरीक्षण के बाद काम शुरू करने का भी उल्लेख है। याचिका में निजी संपत्तियों के नीचे मेट्रो निर्माण को लेकर सब-सॉइल राइट्स और भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाया गया है।
याचिकाकर्ता ने संपत्ति के अधिकार का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रभावित संपत्ति मालिकों को नोटिस और वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना था। याचिका के अनुसार क्षेत्र में गहरे बोरवेल हैं और खुदाई से भूजल स्तर प्रभावित हो सकता है। याचिकाकर्ता ने मेट्रो के लिए सुभाष मार्ग से वैकल्पिक अलाइनमेंट का सुझाव दिया है। दावा दावा है कि यहां सरकारी जमीन की उपलब्धता से निजी संपत्तियों और पुराने मंदिरों पर असर कम हो सकता है। एक तकनीकी सर्वे का हवाला देते हुए कहा गया कि वैकल्पिक मार्ग अपनाने से परियोजना की लागत में करीब 350 करोड़ रुपए की कमी आ सकती है।
इंदौर मेट्रो के भूमिगत पैकेज में रेलवे स्टेशन, राजबाड़ा, छोटा गणपति, बड़ा गणपति, रामचंद नगर, बीएसएफ-कालानी नगर और एयरपोर्ट पर भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित हैं। याचिका में डीपीआर, तकनीकी मंजूरी, सुरक्षा रिपोर्ट, भूमि अधिग्रहण रिकॉर्ड, पर्यावरणीय स्वीकृतियां और विभिन्न एनओसी सहित संबंधित दस्तावेज कोर्ट के समक्ष बुलाने की मांग की गई है।