
Indore news: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री का रुझान लगातार बढ़ रहा है। रजिस्ट्रार कार्यालय के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार महीने में करीब 284 करोड़ रुपए राजस्व का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले लगभग 220 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान 12,300 से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया गया।
खास बात यह है कि प्रॉपर्टी बाजार में सबसे ज्यादा तेजी प्लॉटों की खरीदी में देखने को मिली है। वहीं पांच माह के दौरान 39250 दस्तावेजों की पंजीयन हुआ। वहीं इससे 892.14 करोड़ का राजस्व मिला है। अधिकारियों के अनुसार अगस्त में 12,300 से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन होना बताता है कि प्रॉपर्टी बाजार में लेन-देन जारी है। हालांकि राजस्व के लिहाज से विभाग अपने तय लक्ष्य से पीछे रहा। 284 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले करीब 220 करोड़ रुपए ही राजस्व प्राप्त हुआ। यानी लक्ष्य की तुलना में करीब 64 करोड़ रुपए कम राजस्व आया।
रजिस्ट्रार कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक अगस्त में प्लॉट की खरीदी में करीब 11 से 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यानी शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोग जमीन के छोटे-बड़े प्लॉट खरीदने में पहले की तुलना में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसके पीछे शहर के विस्तार, नई कॉलोनियों और निवेश के लिए जमीन को प्राथमिकता देने जैसे कारण माने जा रहे हैं। वहीं बिल्डिंग की खरीदी-बिक्री में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इससे संकेत मिल रहा है कि तैयार मकान और व्यावसायिक भवनों की मांग भी बनी हुई है। हालांकि प्लॉट के मुकाबले इसमें वृद्धि की रफ्तार कम रही।
कृषि भूमि की खरीदी में भी करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शहर की सीमा से लगे इलाकों में कृषि जमीन को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं। कई क्षेत्रों में भविष्य के विकास की संभावना को देखते हुए जमीन में निवेश का रुझान बना हुआ है। प्रॉपर्टी बाजार के आंकड़ों में प्लॉटों की खरीदी में दोहरे अंक की वृद्धि को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल शहर में तैयार संपत्तियों की तुलना में जमीन में निवेश करने वालों की रुचि ज्यादा बनी हुई है।