
Indore news: कांग्रेस ने संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम एमपी में इंदौर शहर के नेहरू स्टेडियम में करना तय कर दिया है, लेकिन नगर निगम से अभी अनुमति नहीं मिली है। इसके लिए कांग्रेस के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज निगमायुक्त से मिलेगा और नेहरू स्टेडियम 5 दिन के लिए किराए पर मांगेगा। निगमायुक्त से मुलाकात के बावजूद स्टेडियम के न मिलने पर कांग्रेस आगे की रणनीति तय करेगी। कांग्रेस कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है। जेन-जी यानी छात्रों और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में कांग्रेस लगी है। इसके लिए 12 सितंबर को बड़े नेहरू स्टेडियम में छात्रों की गूंज कार्यक्रम संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में रखा गया है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कार्यक्रम के लिए 8 से 12 सितंबर तक बड़ा नेहरू स्टेडियम देने को लेकर दो दिन पहले एक पत्र निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को दिया। पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर शहर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल आज निगमायुक्त सिंघल से निगम मुख्यालय में मिलेगा। इधर, मामले में शहर अध्यक्ष चौकसे का कहना है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर निगमायुक्त से नेहरू स्टेडियम 5 दिन के लिए किराए पर मांगा गया है। इसके लिए विधिवत आवेदन लगा दिया गया है। आज निगमायुक्त से मिलकर आग्रह करेंगे कि कांग्रेस को स्टेडियम किराए पर दिया जाए। अगर स्टेडियम कांग्रेस को नहीं दिया जाता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात कर आगे की रणनीति बनाएंगे।
छात्रों के गूंज कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए इंदौर सहित पूरे प्रदेश के नेता सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस यूनिवर्सिटी, कॉलेज और कोचिंग कैंपस में पहुंचेगी। साथ ही छात्रों का क्यूआर कोड से रजिस्ट्रेशन किया जाएग। रजिस्ट्रेशन 2 सितंबर को शुभ कारज गार्डन में रखी गई बैठक के बाद शुरू होगा। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी बैठक लेकर नेताओं की जिम्मेदारी तय करेंगे। आयोजन में सबसे पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कलाकार और आयोजन का स्वरूप दिल्ली से तय होगा। इंदौर और आसपास के शहरों से करीब 50 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को राहुल गांधी से रूबरू करवाने की कांग्रेस की योजना है। इसके लिए कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोङ्क्षचग कैंपस में नेता पहुंचकर छात्रों की गूंज कार्यक्रम का प्रचार करेंगे।
नेहरू स्टेडियम कांग्रेस ने फाइनल किया तो विवाद शुरू हो गया। भाजपा नेता विरोध में उतर आए हैं, जिनका कहना है कि स्टेडियम को राजनीतिक आयोजन से दूर रखना चाहिए। हाईकोर्ट के नेहरू स्टेडियम में आयोजन पर रोक का हवाला भी दिया जा रहा है। अगर स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलेगी तो कांग्रेस इसे मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है। हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। देहरादून में भी ऐसे ही पेंच फंसने पर कांग्रेस कोर्ट से अनुमति लेकर आई थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े का कहना है कि भाजपा कई आयोजन स्टेडियम में कर चुकी है। हिंदूवादी संगठन के महिला शौर्य के आयोजन में खुद मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। कांग्रेस के आयोजन को लेकर विरोध करना और आपत्ति लेना ठीक नहीं।