इंदौर

जैन कारोबारी की नेक पहल, इंदौर में 12 जुलाई को बेटे की शादी में आशीर्वाद में उपहार नहीं पौधा लगाने की अपील

Simple Jain Wedding Indore: जैन कारोबारी के बेटे की अनोखी शादी की चर्चाएं, जैन परंपराओं के अनुसार सादगी से होगा विवाह, आशीर्वाद में उपहार नहीं पौधा लगाने की अपील।
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Jul 08, 2026
indore
simple jain wedding akshay jain son parth jain tree plantation message, जैन कारोबारी के बेटे की अनोखी शादी की चर्चाएं (source-patrika)

Indore Simple Jain Wedding: आज के समय में जहां शादियां भव्यता, अनोखी सजावट व करोड़ों रुपए के खर्च के कारण चर्चा में रहती हैं, ऐसे समय में मध्यप्रदेश के इंदौर में एक जैन कारोबारी ने अपने बेटे की अनोखी शादी करने का फैसला लिया है। जैन परिवार में होने वाली ये शादी अब प्रदेशभर में चर्चाओं का विषय बनी हुई है। जैन व्यवसायी परिवार अपने बेटे की शादी को सामाजिक संदेश का माध्यम बना रहा है। ये अनोखी शादी 12 जुलाई को इंदौर में जैन परंपराओं के अनुसार सादगी से संपूर्ण होगी।

जैन परिवार की अनोखी सादी

इंदौर शहर के व्यवसायी अक्षय जैन ने अपने पुत्र पार्थ जैन का विवाह 12 जुलाई को पूरी तरह जैन परंपराओं और सादगी के साथ करने का निर्णय लिया है। परिवार का कहना है कि विवाह दो परिवारों का पवित्र मिलन है, इसे दिखावे या प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनना चाहिए। इसी सोच के चलते समारोह को सीमित रखा गया है और केवल दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदारों एवं परिजनों को ही आमंत्रित किया गया है। आयोजन में अनावश्यक खर्च, आडंबर और भव्य प्रदर्शन से पूरी तरह दूरी रखी जाएगी।

तोहफे की जगह पेड़ लगाने की अपील

परिवार ने मेहमानों से साफ कहा है कि वे विवाह में कोई उपहार, लिफाफा या भेंट लेकर न आएं। यदि वे नवदंपती को आशीर्वाद देना चाहते हैं तो अपने घर, आंगन या आसपास एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लें ताकि नवदंपती को मिलने वाला हर आशीर्वाद हरियाली के रूप में भी जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण की सौगात मिल सके। इस पहल के पीछे परिवार का उद्देश्य केवल सादगीपूर्ण विवाह करना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देना है। उनका मानना है कि यदि हर शुभ अवसर पर एक-एक पौधा लगाया जाए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण मिल सकता है। इसलिए विवाह को एक सामाजिक अभियान का स्वरूप देते हुए सभी मेहमानों से पौधारोपण का आग्रह किया गया है।

दिन में होंगी शादी की सभी रस्में

विवाह की सभी धार्मिक रस्में नवकार महामंत्र और मंगलाचरण के बीच जैन परंपरा के अनुसार संपन्न होंगी। किसी भी प्रकार का रात्रिकालीन कार्यक्रम नहीं रखा गया है। सभी आयोजन दिन में होंगे तथा अतिथियों के लिए जमीकंद रहित सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई है।

Updated on:
08 Jul 2026 05:27 pm
Published on:
08 Jul 2026 05:10 pm