MOS Tax : नगर निगम खाली अभ घर के रास्ते या स्पेस (मार्जिनल ओपन स्पेस) पर संबंधित मकान मालिक से एमओएस टैक्स नसूलने वाला है। अगर ये टैक्स प्रभावी हो गया तो संपत्तिधारकों पर 500 रुपए से 4 हजार रुपए सालाना का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
MOS Tax : मकान बनाते वक्त अकसर लोग खुली हवा के लिए अपनी प्रॉपर्टी में कुछ हिस्सा खाली छोड़ता है, लेकिन मध्य प्रदेश राज्य की इंदौर नगर निगम इसी खाली रास्ते या स्पेस (मार्जिनल ओपन स्पेस) पर संबंधित मकान मालिक से एमओएस टैक्स नसूलने की तैयारी कर चुकी है। अगर ये टैक्स प्रभावी हो गया तो संपत्तिधारकों पर 500 रुपए से 4 हजार रुपए सालाना का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
वहीं, दूसरी तरफ शहर कांग्रेस की ओर से इस प्रस्तावित कर का विरोध शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को कांग्रेस पार्षदों ने निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि, एमओएस कर पर रोक लगाई जाए। अगर प्रशासन इस अतिरिक्त कर पर रोक नहीं लगाता तो कांग्रेस आमजन के समर्थन में सड़क पर उतरेगी। कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा और इस तरह के अतिरिक्त कर को वापस लेने की मांग की।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और इंदौर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में मंगलवार को कांग्रेस पार्षदों और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ निगमायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस ने मांग रखी कि, मकानों में छोड़े गए खुले स्थान (एमओएस) पर टैक्स लगाने का फैसला सरासर गलत है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। निगम इस टैक्स की वसूली को नहीं रोकेगा तो कांग्रेस आमजन के साथ सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि, निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जहां भी इस खुले स्थान के टैक्स को वसूलने के लिए जाएंगे, कांग्रेसी वहां पहुंचकर उनका विरोध करेंगे। हमारा विरोध पूरी तरह से गांधीवादी और शांतिपूर्ण रहेगा। नगर निगम के माध्यम से हर मकान के खुले स्थान पर संपत्ति कर लगाना मनमानी है। ऐसी मनमानी का कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। ज्ञापन देने वालों में पार्षद दीपू यादव, सीमा सोलंकी, सेफू वर्मा , सोनीला मिमरोट, राजू भदोरिया, अमित पटेल, सुदामा चौधरी, राजेश चौकसे आदि शामिल थे।
राज्य शासन ने साल 2020 में स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आमजन से एमओएस टैक्स वसूलने की अनुमति दी थी। हालांकि, पिछले पांच साल से इस टैक्स को जनता पर लागू नहीं किया जा सका है। इस बार इसे लागू करने की योजना है, लेकिन कांग्रेस ने इसपर विरोध जताना शुरु कर दिया।