
Asaram : दुष्कर्म का दोषी तथाकथित बाबा आसाराम ( Baba Asaram ) अभी जेल से बाहर आ गया है। वह अभी पैरोल पर है। जेल से बाहर आने के बाद आसाराम जोधपुर के आश्रम में रह रहा है। दुष्कर्म केस में वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। नाबालिग की शिकायत के बाद उसे इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार किया गया था। उस दिन खुद को बचाने के लिए आसाराम ने खूब पैंतरेबाजी की। जोधपुर के तत्कालीन डीसीपी व राजस्थान कैडर के IPS अजयपाल लांबा ( IPS Ajaypal Lamba ) ने अपनी किताब गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कॉन्विक्शन ( Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu’s Conviction ) में इसका विस्तार से उल्लेख किया है। उनको भी ऊपर से प्रेशर डलवाने की धमकी दी गई थी। यहां तक कि एक एसीपी को तो बम से उड़ाने तक की धमकी मिली थी पर पुलिस नहीं डरी। उसके कमरे पर ही जाकर पकड़कर जेल में डाल दिया था।
IPS Ajaypal Lamba ने आसाराम की दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए यह किताब लिखी। इसमें पीड़िता के संघर्ष और कोर्ट ट्रायल के दौरान घटित घटनाक्रमों की पूरी कहानी है। IPS Ajaypal Lamba ने पुस्तक में लिखा कि दुष्कर्म मामले में आसाराम से सख्ती से पूछताछ की गई। उनके कड़क तेवर देख वह डर गया और अपनी गलती स्वीकार कर ली थी।
आसाराम को 31 अगस्त 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। जोधपुर की पुलिस टीम यहां आई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आसाराम और उसके बेटे ने लाखों अनुयायियों को इंदौर आश्रम में आने का आव्हान कर दिया था। इस पर समर्थकों का जमावड़ा लग गया। आसाराम को पकड़ने आई पुलिस टीम का अनुयायियों ने भारी विरोध किया। डराने-धमकाने के प्रयास किए पर पुलिस टस से मस नहीं हुई।
किताब में आईपीएस अजय लांबा ने लिखा कि जब पुलिस ने आसाराम को पकड़ा तो उसने ऊपर से प्रेशर डलवाने की धमकी दी। बाद में भी उसने पोटेंसी टेस्ट से बचने की भरसक कोशिश की पर बच नहीं सका।
गौरतलब है कि आसाराम दुष्कर्म मामले में जोधपुर की तत्कालीन एसीपी चंचल मिश्रा की अहम भूमिका थी। वे ही यहां आसाराम को पकड़ने आईं थीं। बाद में भी एसीपी चंचल मिश्रा को खूब धमकाया जाता रहा। उन्हें बम से उड़ाने तक की धमकी मिली थी पर पुलिस का हौसला कम नहीं हुआ।