
नारायण साईं और आसाराम (फाइल फोटो)
Narayan Sai : दुष्कर्म का दोषी आसाराम इस समय राजस्थान के जोधपुर आश्रम में है। वह 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया है। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम को 13 साल पहले इंदौर से अरेस्ट किया गया था। उसे बचाने के लिए बेटे नारायण साईं ने कई नाटक किए। यहां तक कि पिता के बचाव के लिए एक लड़की को खड़ी कर दिया जिसने खुद को प्रभावित किशोरी की सहेली बताया। उसने कहा कि आसाराम पर झूठे आरोप लगाए हैं। बाद में नारायण साईं भी दुष्कर्म के ही अन्य मामले में दोषी पाया गया था। उसने अपनी पत्नी को भी पैसों के लिए तरसा दिया।
आसाराम के पैरोल पर बाहर आने के साथ ही इंदौर वासियों की यादें ताजा हो उठी हैं। वे आज तक 31 अगस्त 2013 की उस रात को याद करते हैं जब दुष्कर्म की शिकायत पर आरोपी आसाराम को यहां से पकड़ा गया था। पिता को बचाने के लिए उसका बेटा नारायण साईं आगे आ गया था। उसने अनेक तिकड़मे लगाईं।
इंदौर के आश्रम में रुके आसाराम को पकड़ने के लिए जोधपुर की पुलिस इंदौर आई थी। पुलिस टीम खंडवा रोड स्थित आश्रम में पहुंची। उन्हें बाहर ही रोक कर बताया गया कि आसाराम अंदर नहीं है। पुलिस पर दबाव डालने के लिए आश्रम में हजारों अनुयायियों की भीड़ बुला ली गई थी। हालांकि पुलिस अधिकारी बाहर ही खड़े रहे।
इस बीच नारायण साईं ने अपने पिता को बचाने के लिए एक और पैंतरा आजमाया। उसने एक लड़की को मीडिया से रूबरू कराया। वह खुद को प्रभावित किशोरी की दोस्त बताती रही और यह भी कहा कि आसाराम निर्दोष है, उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। जब लड़की पत्रकारों से बात कर रही थी तब नारायण साईं छुपकर पूरा नजारा देख रहा था। बाद में वह भी मीडिया के सामने आया पिता को निर्दोष बताया। नारायण साईं ने यह भी कहा कि आसाराम की तबियत खराब है। हालांकि देर रात पुलिस आरोपी को अरेस्ट करके ले गई।
आसाराम का बेटा नारायण सांई बाद में खुद दुष्कर्म केस में फंस गया था। उसके जेल जाने के बाद पत्नी ने गुजारा भत्ता मांगा। कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को हर माह 50 हजार रुपए देने को कहा पर उसने अमल नहीं किया। पत्नी को पैसे नहीं दिए। अब दोनों का तलाक हो चुका है। इसी साल इंदौर कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया है।
Updated on:
13 Oct 2026 10:28 am
Published on:
12 Oct 2026 04:57 pm
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