
Indore Khandwa New Railway Track:एमपी में इंदौर-खंडवा नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना का काम अब आगे बढ़ रहा है। चोरल क्षेत्र में रेलवे ने ट्रैक की मार्किंग शुरू कर दी है, जबकि आगे के हिस्से में अर्थवर्क लगभग पूरा होने के बाद अब पटरियां बिछाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग सेक्शन में समानांतर रूप से काम किया जा रहा है ताकि परियोजना को तय समय में पूरा किया जा सके।
चोरल क्षेत्र में जिन स्थानों से नई रेल लाइन गुजरनी है, वहां जमीन पर मार्किंग की जा रही है। साथ ही रास्ते में आने वाली बाधाओं को भी हटाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे की टीम लगातार सर्वे और सीमांकन कर रही है, जिससे ट्रैक बिछाने का कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। वहीं मोरटक्का और आसपास के क्षेत्रों में अर्थवर्क लगभग पूरा हो चुका है। यहां रेलवे ट्रैक बिछाने की तैयारी अंतिम चरण में है।
निर्माण एजेंसी ने ट्रैक के लिए आवश्यक गिट्टी (बैलेस्ट) भी पहुंचाना शुरू कर दिया है। पहले बैलेस्ट की परत बिछाकर ब्लैंकेट तैयार किया जाएगा, इसके बाद स्लीपर और रेल पटरियां बिछाने का काम शुरू होगा। इधर, पातालपानी के हिस्से में टनल निर्माण का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। यहां रेलवे को टनल बनानी है, लेकिन जिस निर्माण कंपनी को यह काम सौंपा गया है, वह फिलहाल इंदौर टीही की टनल बनाने में व्यस्त है। अधिकारियों का कहना है कि टीही की टनल कार्य पूरा होने के बाद यही एजेंसी रेलवे टनल का निर्माण शुरू करेगी।
इसके अलावा वन विभाग भी रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। जिन स्थानों पर पेड़ निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हैं वहां नियमानुसार पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है ताकि रेलवे का निर्माण कार्य बिना रुकावट आगे बढ़ सके। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न सेक्शन में काम की गति बढ़ाई गई है और आने वाले महीनों में परियोजना के कई हिस्सों में ट्रैक बिछाने का काम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेगा। इससे इंदौर-खंडवा रेल लाइन परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
गौरतलब है कि इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को मालवा और निमाड़ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा और आगे देश के अन्य हिस्सों तक रेल संपर्क अधिक सुगम और तेज हो जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो इसके लिए कई स्थानों पर टनल और विशेष ब्रिज बनाए जाएंगे। इन संरचनाओं के जरिए जंगली जानवर सुरक्षित रूप से एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आ-जा सकेंगे। इसके अलावा वन विभाग द्वारा तय अन्य पर्यावरणीय शर्तों का भी पालन किया जाएगा।