
Prahar The Ujjwal Nikam Story- जाने माने विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम और उनकी पत्नी ज्योति निकम गुरुवार को दोपहर में फ्लाइट से इंदौर पहुंच गए। इंदौर एयरपोर्ट पर उनका सार्थक संस्था के दीपक जैन टीनू ने स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पहुंचकर उज्जवल निकम ने कहा कि 16 अक्टूबर से रिलीज हो रही फिल्म प्रहार में आप उज्ज्वल और ज्योति को रील में तो देखेंगे, लेकिन असली उज्ज्वल और ज्योति निकम इंदौर पहुंच गए हैं।
इंदौर में गुरुवार को रवींद्र नाट्यगृह में उनका संवाद कार्यक्रम हो रहा है। इसमें वे अपनी फिल्म में किरदारों और उसके उद्देश्यों पर बात करन वाले हैं। निकम ने मुंबई से आने से पहले कहा था कि वे इस फिल्म के बारे में बारीकी से सारी बातें रखने वाले हैं, क्यों मुंबई के आतंकी हमले 26/11 को लेकर उन्हें फिल्म बनाने की जरूरत पड़ी, क्यों इस आतंकी हमले में कोर्ट में इतने साल लग गए, क्यों इतनी बारीकी से इस केस को आगे बढ़ाया गया, इसके पीछे क्या संदेश वे देना चाहते हैं, सभी मुद्दों पर वे बेबाकी से राय रखने वाले हैं।
जाने माने स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर (विशेष लोक अभियोजक) उज्ज्वल निकम की वकालत और मुंबई आतंकी हमले पर आधारित यह फिल्म है। जो कल इंदौर सहित देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। 26/11 के मुंबई आतंकी हमले और उसके बाद कई वर्षों तक चले कोर्ट में ट्रायल और कसाब को फांसी देने तक की पूरी ड्क्यूमेंट्री है यह फिल्म। फिल्म अभिनेता राजकुमार राव उज्ज्वल निकम का किरदार निभा रहे हैं। इस बारे में जब उज्ज्वल निकम से पूछा गया था तो वे हैरान थे, राजकुमार राव को वे जानते तक नही थे। इस बात का जिक्र उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में किया था।
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने 26/11 के चर्चित केस में एकमात्र आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा और उसे फांसी तक पहुंचाया। केस की गंभीरता को देखते हुए उज्ज्वल निकम को सरकार ने जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। करीब तीन दशकों के अपने वकालत जीवन में निकम ने 628 से अधिक अपराधियों को उम्र कैद और 37 को फांसी की सजा दिलाई थी। इनमें गैंगस्टर अबू सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद मिल चुकी है। इसी तरह ताहिर मर्चेंट और फिरोज राशिद खान को भी फांसी की सजा दिलवाई थी। भारत सरकार ने 2016 में उनके कानून के प्रति योगदान के लिए चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' दिया था। 2024 में भाजपा ने उन्हें मुंबई उत्तर सेंट्रल सीट से चुनाव में उतारा था, लेकिन वे हार गए थे। इसके बाद उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया था।