इंदौर

दिवाली पर ‘5 हजार’ लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, इंदौर में 16 गांव वालों का बड़ा फायदा

Swamitva scheme: धनतेरस पर इंदौर में स्वामित्व योजना के तहत पांच हजार से अधिक गरीब परिवारों को मालिकाना हक के दस्तावेज दिए जाएंगे। दस शिविरों में मंत्री और जनप्रतिनिधि उपहार वितरित करेंगे।
2 min read
• •
Updated: 6 Nov 2026, 12:06 PM IST
परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Indore news: पांच दिनी दीपावली महापर्व की आज धनतेरस से शुरुआत हो गई है जिसमें गरीब परिवारों को एमपी सरकार बड़ा उपहार दे रही है। स्वामित्व योजना में पांच हजार से अधिक परिवारों को मालिकाना हक के दस्तावेज दिए जाएंगे। इंदौर में दस शिविर लगाए जा रहे हैं जिसमें 16 गांव को लिया गया है। इनमें केंद्रीय व प्रदेश के मंत्रियों के साथ सांसद और विधायक के हाथों से उपहार दिलाया जाएगा।

देखा जाए तो सही मायने में आज इंदौर के पांच हजार गरीब परिवारों की दीपावली बन जाएगी जो वर्षों से आबादी की जमीन पर रह रहे थे, लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। वे उसे ना बेच सकते थे ना उन्हें कोई बैंक बनाने या गिरवी रखने के लिए लोन देता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जब सर्वे कराया तो ऐसे परिवारों का आंकड़ा 50 लाख निकलकर सामने आया।

5 हजार लोगों को मिलेगा लाभ

इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर अमला पिछले कुछ दिनों से स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री करने में जुटा हुआ है तो आज धनतेरस पर गांव-गांव जाकर विशेष अभियान चलाया जाने वाला है। इंदौर के दस स्थानों पर शिविर लगाया गया जिसमें सभी एसडीएम, तहसीलदार और पटवारियों लैपटॉप सहित सभी दस्तावेज लेकर सुबह ही पहुंच गए। आयोजनों में करीब 5 हजार परिवारों को सरकार की तरफ से धनतेरस पर स्वामित्व का उपहार दिया जाएगा।

इधर, कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, मनोज पटेल, उषा ठाकुर शामिल होंगे। देखा जाए तो उन गरीब परिवारों के लिए धनतेरस किसी दीपावली से कम नहीं होगी जिन्हें अपनी संपत्ति के दस्तावेज मिलने वाले हैं।

94 में 33 हजार को मिली रजिस्ट्री

इंदौर में सर्वे के बाद आबादी की जमीन पर काबिज लोगों का आंकड़ा 95,089 निकल कर आया था। उसके बाद रजिस्ट्री करने के लिए सरकार ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में अभियान शुरू किया, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बावजूद इंदौर ने अब तक 34.22 फीसदी यानी 32,537 लोगों को स्वामित्व अधिकार पत्र दे दिए हैं। उन्हें अब अपना मालिकाना हक मिल गया। इसमें से कई परिवार तो ऐसे है जिन्हें 40 साल हो गए हंै। दूसरी पीढ़ी भी वहीं रह रही है, लेकिन उनके पास कोई दस्तावेज नहीं थे या सिर्फ सरकारी पट्टे थे।

Updated on:
6 Nov 2026, 12:06 PM IST
Published on: