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इंदौर में महिला मोर्चा अध्यक्ष की कुर्सी पर खींचतान, कविता – उषा ठाकुर आमने-सामने, तीसरे नाम पर हो सकता फैसला

BJP Mahila Morcha: भाजपा में कविता पाटीदार और उषा ठाकुर के बीच इंदौर ग्रामीण महिला मोर्चा अध्यक्ष पद को लेकर तनातनी तेज हो गई है। दोनों अपनी समर्थक को मनवाने पर अड़ी हैं, जिससे नियुक्ति अटकी हुई है।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 5 Nov 2026, 1:44 PM IST

कविता पाटीदार और उषा ठाकुर (Photo Source: X हैंडल)

कविता पाटीदार और उषा ठाकुर (Photo Source: X हैंडल)

Indore news: भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार और विधायक उषा ठाकुर के बीच एक बार फिर तलवार खिंच गई है। इस बार तनातनी ग्रामीण महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद को लेकर है। दोनों ही नेता अपनी-अपनी समर्थक को बनाने पर अड़ी हुई हैं और प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। इस फेर में नियुक्ति की गुत्थी उलझ गई है। प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी के सख्त निर्देश हैं कि सभी जिलों में मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्ष- संयोजक के साथ उनकी टीम का गठन भी जल्दी किया जाए। इस फेर में इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में युवा, पिछड़ा, अजा, अजजा और किसान मोर्चे के अध्यक्षों की घोषणा हो गई है, लेकिन महिला मोर्चा को लेकर पेंच फंस गया है। ग्रामीण राजनीति से ताल्लुक रखने वाली दो नेत्रियों के बीच तगड़ी खींचतान चल रही है।

विधायक ठाकुर चाहती हैं कि उनकी समर्थक व मौजूदा अध्यक्ष किरण सिसोदिया को फिर से मौका दिया जाए। दूसरी तरफ राज्यसभा सदस्य पाटीदार ने माया पटेल का नाम दिया है। वह अड़ी हुई हैं कि पटेल को बनाया जाए, क्योंकि सिसोदिया को एक बार मौका दिया जा चुका है। बात धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई है कि दोनों नेत्रियों ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। ये स्थिति जिला भाजपा से लेकर प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष तक को मालूम है जिसके चलते नियुक्ति को होल्ड कर दिया है।

गौरतलब है कि दोनों नेत्रियों की पटरी लंबे समय से नहीं बैठ रही है। पाटीदार महू विधानसभा से चुनाव लडऩे की इच्छा रखती हैं जिसे वह अपने पिताजी की विरासत भी मानती है। वह उन सभी नेताओं की मदद करती हैं जिनकी पटरी विधायक ठाकुर से नहीं बैठती। चुनाव में बगावत करने वाले सभी नेताओं पर होने वाली अनुशासनहिनता की कार्रवाई से बचाया था। उस समय वह प्रदेश भाजपा की महामंत्री भी थीं।

तीसरे नाम पर हो सकता है विचार

भाजपा की दिग्गज नेत्रियों के बीच में चल रही जंग को देखते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता अब तीसरे नाम पर विचार कर रहे हैं ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके। ऐसे में देपालपुर से आने वाली मौजूदा महामंत्री हेमलता डांगर की लॉटरी खुल सकती है। इसके अलावा राऊ की शारदा कुशवाह और सांवेर की पूजा यादव के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।