
Indore crime news: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की नृशंस हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी पति अखिलेश सैनी का सिरविहीन शव विदिशा के गंजबासौदा-पवई स्टेशन के बीच पटरी पर मिलना बताया था। घटना ने उस हत्याकांड को रहस्यमयी मोड़ दे दिया, जिसमें पुलिस कई दिनों से आरोपी की तलाश में जुटी थी। धड़ मिलने के पांच दिन बाद महागौर गांव के पास खेत से सिर बरामद हुआ है। अब धड़ और सिर का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार 19 जुलाई को गंजबासौदा-पवई स्टेशन के बीच पोल नंबर 925 के पास ट्रैक पर सिरविहीन शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को केवल धड़ मिला, जबकि सिर गायब था। मृतक की पैंट की जेब से आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मिले, जिनके आधार पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होने की संभावना जताई गई। अगले दिन 20 जुलाई को मृतक के पिता सीताराम सैनी ने शव की पहचान बेटे के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गायब होने के कारण पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 24 जुलाई को महागौर गांव के पास रेलवे ट्रैक से लगभग 500 मीटर दूर खेत में ग्रामीणों ने मानव सिर पड़े होने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सिर बरामद कर जब्त कर लिया। सिर हड्डियों के रूप में था, उस पर मांस नहीं था, इसलिए उसकी तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। अब डीएनए जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि बरामद सिर उसी धड़ का है या नहीं।
हत्या के बाद से फरार अखिलेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। उसकी गिरफ्तारी पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई थी। इस बीच उसका सिरविहीन शव मिलने से पूरा घटनाक्रम रहस्य में बदल गया। उर्मिला के दोनों बच्चों को देखकर हर कोई अभी भी भावुक हो जाता है। हर कोई बस यही कहता है कि दोनों बच्चे बिना मां-बाप के कैसे जिएंगे।
इस पूरे मामले की शुरुआत 11 जुलाई को हुई थी, जब इंदौर में सरकारी आवास में रहने वाली 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दोपहर करीब एक बजे स्कूल से लौटे उनके दोनों बच्चों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला पाया और अंदर तेज आवाज में टीवी चलता मिला। कमरे में पहुंचने पर मां का खून से लथपथ शव देखकर बच्चे घबरा गए और उन्होंने तत्काल अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को सूचना दी। इसके बाद पड़ोसी और पुलिस मौके पर पहुंचे।