इंदौर

Vande Mataram Controversy: कांग्रेस से निष्कासित होंगी पार्षद ‘रुबीना खान’, दो पार्षदों के बयान ने ला दिया राजनीति में भूचाल

Vande Mataram Controversy : राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और कांग्रेस को लेकर भद्दी टिप्पणी करने वाली पार्षद रुबीना इकबाल खान पर कार्रवाई की तैयारी है। राष्ट्रगीत को इस्लाम के खिलाफ बताने वाली पार्षद फौजिया शेख अलीम पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई का प्रस्ताव पीसीसी में चला गया।

2 min read
Apr 09, 2026
Vande Mataram Controversy indore Councillor Rubina Khan will be expelled from Congress

MP Congress: राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और कांग्रेस को लेकर भद्दी टिप्पणी करने वाली पार्षद रुबीना इकबाल खान पर कार्रवाई की तैयारी है। कांग्रेस से उन्हें निष्कासित किया जा रहा है तो राष्ट्रगीत को इस्लाम के खिलाफ बताने वाली पार्षद फौजिया शेख अलीम पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई का प्रस्ताव पीसीसी में चला गया। इधर, शहर अध्यक्ष ने सभी कार्यक्रमों की शुरुआत में वंदे मातरम् कराने की घोषणा कर दी। साथ में ये भी बोल दिया कि जिसे नहीं गाना है वे कार्यक्रम में भी नहीं आएं।

ये भी पढ़ें

इंदौर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर सस्पेंस, कतार में कई दावेदार

Vande Mataram गाने से इनकार

इंदौर नगर निगम के बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम् गाने से इनकार कर दिया। इस पर सभापति मुन्नालाल यादव ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। बहस के दौरान पार्षद रुबीना इकबाल खान ने अभद्र भाषा तक का इस्तेमाल कर दिया। बाद में खान ने यहां तक बोल दिया कि इस मामले में पार्टी ने साथ नहीं दिया तो कांग्रेस जाए भाड़ में, वो तो मुस्लिमों को वोट का सिर्फ उपयोग करती हैं। मैं तो पहले भी निर्दलीय चुनाव जीतकर आई थी। उन्होंने ओवैसी की पार्टी में जाने तक की बात कही।

दोनों पार्षदों के बयानों ने राजनीति में भूचाल ला दिया जिसकी चर्चा देशभर में हो रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव हो रहे हैं वहां वंदे मातरम्(Vande Mataram Controversy) का विरोध कर कांग्रेस कटघरे में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पार्षद रुबीना खान को निष्कासित करने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा फौजिया शेख अलीम पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई का प्रस्ताव बनाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेज दिया है। दोनों ही पार्षदों पर कार्रवाई कर कांग्रेस कड़ा संदेश देने जा रही है।

कांग्रेसी पार्षदों पर एफआइआर?

वंदे मातरम पर कांग्रेसी पार्षद की टिप्पणी को लेकर भाजपा के कुछ पार्षद खासे नाराज हंै। वे मामले में एफआइआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सभापति मुन्नालाल यादव से भी बात की है। हालांकि नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा से चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। मिश्रा ने चर्चा के दौरान कहा कि अभी कोई बात नहीं हुई है। पूरा घटनाक्रम प्रदेश संगठन के संज्ञान में डाल दिया गया है। बड़ी बात ये है कि वंदे मातरम् सबसे पहले स्वतंत्रता पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में गाया गया था। अशफाक उल्ला खां वंदे मातरम् गाते-गाते फांसी के फंदे पर झूल गए। कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण ही देश का विभाजन हुआ। वंदे मातरम् का सबसे पहले विरोध मोहम्मद अली जिन्ना ने किया था।

हर आयोजन में होगा वंदे मातरम्, नहीं गाना तो मत आओ

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चौकसे ने घोषणा कर दी है कि पार्टी के हर कार्यक्रम में अब सबसे पहले वंदे मातरम् गाया जाएगा। जिसको भी नहीं गाना है वे कार्यक्रम में भी नहीं आएं। चर्चा के दौरान चौकसे ने बताया कि धर्म, जाति और समाज से ऊपर राष्ट्रवाद और देश है। वंदे मातरम् और जण-गण-मण गाकर ही आजादी की लड़ाई लड़ी गई और अंग्रेजों को देश से भगाया गया है। उस समय हिंदू, मुस्लिम और सभी समाज मिलकर गाते थे तो अब ये बात कहां से आ गई। कांग्रेस में वंदे मातरम गाने पर समस्या है तो यह गलत है। दलीय राजनीति अपनी जगह है, लेकिन यह राजनीति भी राष्ट्र से ऊपर नहीं है। राष्ट्रीयता का भाव रखना और उसे प्रकट करना आवश्यक है।

ये भी पढ़ें

MP Politics: 10 घंटे में गई कांग्रेस विधायक की सदस्यता, अब राज्यसभा सीट पर संकट

Published on:
09 Apr 2026 03:10 pm
Also Read
View All