
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं....।
MP Rajya Sabha Election 2026 Congress Crisis : मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी को फिर एक झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती (Rajendra Bharti) की विधानसभा सदस्यता ही खत्म हो गई। एक के बाद एक अपने विधायकों पर संकट आने पर कांग्रेस ने भाजपा पर साजिश के आरोप लगाए हैं। अब मई में होने वाले राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को अपने विधायकों को सहेजकर रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों (MP Rajya Sabha Election 2026) के लिए मई में संभावित चुनावों में कांग्रेस का गणित गड़बड़ा सकता है। राज्यसभा की दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस की रिक्त हो रही है। ऐसे में अभी से भाजपा और विपक्ष में खींचतान दिखने लगी है। कांग्रेस के तीन विधायकों की विधायकी पर संकट आया हुआ है। गुरुवार रात को ही दतिया विधायक की सदस्यता खत्म करते हुए दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया। अब वहां उपचुनाव होंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या 230 है। तीन जून को मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो सदस्य भाजपा के हैं, इनमें सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन हैं। जबकि कांग्रेस के दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh Rajya Sabha seat) की भी सीट जून 2026 में खाली हो रही है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 65 विधायक हैं और कांग्रेस के 164 विधायक हैं।
राज्यसभा में कांग्रेस की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायक होना जरूरी है। काग्रेस के 65 विधायकों में से तीन विधायकों पर संकट आ गया है। इस प्रकार कांग्रेस के पास 62 विधायक रह जाते हैं। यदि कांग्रेस के चार विधायक निष्क्रिय हुए तो यह सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर साजिश रचने के आरोप लगाए थे। मई में संभावित राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और खरीदने की कोशिश की जा रही है। रीवा के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा और भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद के पुराने मामलों के अचानक सक्रिय होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
दतिया के विधायक रहते राजेंद्र भारती को कोर्ट ने दोषी करार दिया और उन्हें तीन साल की सजा सुनाई है। हालांकि उन्हें जमानत देते हुए हाईकोर्ट में अपील के लिए वक्त दिया है। इस बीच गुरुवार को सजा का ऐलान होने के 10 घंटे के भीतर रात 10 बजे मध्यप्रदेश विधानसभा भवन के सचिवालय के दफ्तर खुले हुए थे। उसी समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी अचानक विधानसभा के सचिवालय में पहुंच गए। वहां प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा बैठे हुए थे। उनके पास दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। उनका कहना था कि जिसका डर था वही हुआ। राजेंद्र भारती की सदस्यता रात में ही रद्द कर दी गई। दोनों नेता उनके चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई। कुछ देर बाद अरविंद शर्मा वहां से निकल गए। इसके बाद बाहर आए पटवारी ने आरोप लगाया कि रात करीब 11 बजे विधानसभा खोली गई और विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम बीजेपी के इशारे पर उठाया गया।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने गुरुवार रात को मीडिया से कहा कि जब विधानसभा चलनी चाहिए थी तब नहीं चलाई गई। शर्मा ने इसे सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई बताते हुए चेतावनी दी कि इस प्रोसेस में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पीसी शर्मा ने अपने एक्स पर गुरुवार रात को विधानसभा प्रमुख सचिव से मुलाकात का वीडियो भी शेयर किया है।
Updated on:
03 Apr 2026 02:33 pm
Published on:
03 Apr 2026 02:19 pm
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