MP News: बीएच सीरीज नंबर की शुरुआत उन लोगों की सुविधा के लिए की गई थी, जिनकी नौकरी के चलते बार-बार राज्य बदलना पड़ता है।
MP News: भारत (बीएच) सीरीज नंबर वाले वाहनों पर अब परिवहन विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है। तय समय पर टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही आरटीओ के उडऩदस्तों को भी सड़क पर उतारने की योजना बनाई गई है ताकि ऐसे वाहनों की मौके पर जांच कर कार्रवाई की जा सके। दरअसल बीएच सीरीज के वाहनों की संख्या इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रही है।
आंकड़ों के मुताबिक इंदौर में 7 हजार से ज्यादा और प्रदेश में करीब 70 हजार वाहन इस सीरीज में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या ऐसे वाहन मालिकों की है। जिन्होंने निर्धारित समय पर टैक्स जमा नहीं कराया है।
गौरतलब है कि बीएच सीरीज नंबर की शुरुआत उन लोगों की सुविधा के लिए की गई थी, जिनकी नौकरी के चलते बार-बार राज्य बदलना पड़ता है। इस व्यवस्था में वाहन का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है और टैक्स एकमुश्त देने के बजाय हर दो साल में जमा करना होता है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि वाहन पर किसी राज्य का कोड नहीं होता, जिससे दूसरे राज्य में जाने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं पड़ती। अब इसी सुविधा का गलत फायदा उठाने वालों पर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है।
आरटीओ प्रदीप शर्मा के अनुसार नियम साफ है कि बीएच सीरीज में रजिस्टर्ड हर वाहन का टैक्स हर दो साल में जमा करना अनिवार्य है। विभाग ने मैसेज के जरिए सूचना देने के बावजूद कई लोग लापरवाही बरत रहे हैं। अब ऐसे मामलों में सख्ती करते हुए नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि इसके बाद भी टैक्स जमा नहीं किया गया तो सड़क पर चेङ्क्षकग के दौरान रोजाना 100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पडऩे पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
बीएच (BH - Bharat) सीरीज नंबर प्लेट केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2021 में शुरू की गई एक अखिल भारतीय (All-India) वाहन पंजीकरण प्रणाली है। यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिनका तबादला (Transfer) एक राज्य से दूसरे राज्य में होता रहता है, ताकि उन्हें हर बार गाड़ी का नया रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स न भरना पड़े।
-यह पूरे देश में मान्य है और राज्य बदलने पर पुनः पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती।
-इसका फॉर्मेट YY BH #### XX है (जैसे: 22BH9999AA)। यहां 22 का मतलब 2022 में रजिस्ट्रेशन है।
-यह रक्षा कर्मियों, केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारियों, और उन निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए है जिनके कार्यालय 5 से अधिक राज्यों में हैं।