
Four-lane Highway news: एमपी में इंदौर-हरदा-बैतूल (एनएच -47) फोरलेन प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। इस हाईवे पर ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह तैयार मिली और वाहनों का आवागमन जारी था। हालांकि कुछ स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और कनेक्टिविटी रोड का काम अभी बाकी है, जिसके कारण वाहन चालकों को डायवर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। सड़क का हिस्से पर भी काम चल रहा है। बाईपास से इस रूट पर प्रवेश करते ही सौ मीटर के करीब का कच्चा रास्ता मिला।
यहां बाईपास के नीचे एक अंडरपास बनाया जा रहा है, जिसके जरिए वाहन दूसरी ओर एनएच-47 पर पहुंच सकेंगे। फिलहाल यह अंडरपास अधूरा है। इसके बाद कुछ दूरी पर सड़क पूरी तरह पक्की और तैयार दिखाई दी। इस हिस्से में फिनिशिंग का काम चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। रोड मार्किंग भी पूरी हो गई।
मॉल के पास से आगे बढऩे पर हिंगोनिया फांटे के पास पहला फ्लाईओवर मिला। यहां हरदा की ओर जाने वाले हिस्से में सड़क को जोडऩे का काम चल रहा है। सड़क पर गड्ढे और अस्थायी रास्ते भी देखने को मिले। दो अन्य फ्लाईओवर भी अधूरे मिले। तीनों के मुख्य ढांचे तैयार हो चुके हैं और सेंटर स्पॉन भी जुड़ चुके हैं, लेकिन एप्रोच रोड, कनेक्टिविटी और फिनिशिंग का कार्य अभी बाकी है।
गोगाखेड़ी के पास सड़क निर्माण के चलते पहला बड़ा डायवर्शन मिला। यहां टोल प्लाजा तैयार किया जा रहा है। आगे निर्माणाधीन टोल प्लाजा तक एक ओर सड़क तैयार नहीं होने से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक ही हिस्से से संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था सीधे टोल प्लाजा तक जारी है। टोल प्लाजा का निर्माण भी अंतिम चरण में है। यहां मशीनें और अन्य उपकरण लगाए जा चुके हैं।
-सड़क पर रोड मार्किंग की जा चुकी है।
-सूचना और दिशा-निर्देश बोर्ड लगाए जा चुके हैं।
-टोल प्लाजा का निर्माण अंतिम चरण में है।
-सड़क के बीच अवैध कट रोकने के लिए दोनों ओर जालियां लगाई गई हैं।
-जालियों के पास गहरी नालियां बनाई गई हैं ताकि वाहन चालक अनधिकृत रूप से सड़क पार न कर सकें।
-अगस्त 2022 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
-इंदौर-हरदा सेक्शन पर 1,011 करोड़ की लागत
-पूरे रूट पर 2,300 करोड़ के प्रोजेक्ट मंजूर
-कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही शुरू
-बैतूल तक सफर का समय 3 घंटे कम
-इंदौर को नागपुर व दक्षिण भारत से बेहतर कनेक्टिविटी।