Vishal Malviya resignation- कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राधाकिशन मालवीय के पोते और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के दामाद ने छोड़ी कांग्रेस, भाजपा में जाने की अटकलें...
MP Congress crisis- मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रहे राधाकिशन मालवीय के पोते विशाल मालवीय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जो कि अभी इंदौर जनपद पंचायत में सदस्य हैं और देवास-शाजापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। जबकि विशाल मालवीय भाजपा के सीनियर नेता एवं कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के दामाद भी हैं।
विशाल मालवीय के इस्तीफे के बाद एक बार फिर इंदौर में राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। कांग्रेस पार्टी में पट्ठाबाज हावी और सुनवाई न होने से नाराज विशाल मालवीय ने जहां इस्तीफा दिया है, वहीं प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। चर्चा है कि विशाल मालवीय ने भाजपा में जाने की तैयारी कर ली है, क्योंकि वे कर्नाटक राज्य के राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता थावरचंद गेहलोत के दामाद भी हैं।
विशाल ने अपने इस्तीफे में लिखा कि जो लोग केवल नेताओं के आगे पीछे घूमकर व्यक्तिगत लाभ साधने में लगे हैं, उन्हें संगठन में पद व प्रतिष्ठा प्रदान की जा रही है। वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार उपेक्षित कर हाशिये पर धकेला जा रहा है। संगठन में आज स्वयं को उपेक्षित व असहज महसूस करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे पहले विशाल राजेंद्र मालवीय ने अपनी पीड़ा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी बताई थी। उन्होंने लिखा था कि पिछले पांच दशकों से अधिक समय से कांग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति निष्ठा के साथ जनसेवा कर रहे हैं। स्व. राधाकिशन मालवीय का जिक्र करते हुए विकास ने लिखा है कि वे 10 सालों से समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि चाटुकारिता और व्यक्तिगत समीकरणों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। समर्पित कार्यकर्ता को हाशिए पर धकेला जा रहा है। इससे मेरा आत्मसम्मान आहत हो रहा है। इसलिए मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। उन्होंने भेदभाव के भी आरोप लगाए।
राधाकिशन मालवीय कांग्रेस के दिग्गज नेता थे, जो राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। इंदौर जिले के बिचौली हप्सी के रहने वाले थे। वे मध्यप्रदेश कांग्रेस के दो बार प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। दलित चेहरे के रूप में उनकी पहचान थी। राजीव गांधी के वक्त केंद्र सरकार में श्रम एवं संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सेवा दे चुके हैं। सांवेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका बेटा राजेंद्र मालवीय भी कांग्रेस की राजनीति में है। वहीं पोता विशाल मालवीय भी राजनीति में सक्रिय रहा है।