electricity bill dicount news बिजली बिल में 1100 करोड की छूट दी
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत और राहत, दोनों प्रकार की खबरें सामने आ रहीं हैं। एक ओर राज्य सरकार बिजली महंगी करने की कवायद में जुटी हुई है दूसरी ओर बिजली बिल में जबर्दस्त छूट देकर उपभोक्ताओं के जख्मों पर मरहम भी रखा जा रहा है। प्रदेशभर की बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं को बिल में कई करोड़ रुपयों की रियायत दी है। केवल पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ही बिजली बिलों में हर माह औसतन करीब 100 करोड़ की छूट दे रही है।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंध निदेशक रजनी सिंह के अनुसार एक साल में 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा की छूट दी जा चुकी है। औद्योगिक, उच्चदाब कनेक्शन उपभोक्ताओं को यह छूट दी गई। सन 2023 के अक्टूबर माह से 2024 के सितंबर तक की अवधि में औद्योगिक उच्चदाब उपभोक्ताओं को 784 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई।
कंपनी के आंकड़े बताते हैं कि ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ भी रही है। उच्चदाब उपभोक्ताओं की संख्या 4600 पर पहुंच चुकी है। एक साल में 270 नए उपभोक्ता जुड़े। उच्चदाब कनेक्शनों की बिजली मांग में भी करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई।
उच्चदाब उपभोक्ताओं को ऊर्जा विभाग और बिजली नियामक आयोग के निर्देशों के मुताबिक खासी छूट दी जा रही है। एक साल की अवधि में 399 करोड़ रुपए की टाइम ऑफ द डे (TOD) छूट दी गई। 248 करोड़ रुपए की पावर फैक्टर छूट, 231 करोड़ ग्रीन फील्ड छूट, 139 करोड़ की इंक्रीमेंटल छूट और 73 करोड़ रुपए की केप्टिव छूट भी दी गई।
इतना ही नहीं, प्राम्प्ड पेमेंट पर, एडवास पेमेंट पर, ऑन लाइन/कैशलेस भुगतान पर भी खासी रियायतें दी गई हैं। 2024 में मई माह से सितंबर माह तक हर माह 100 करोड़ से ज्यादा की छूट दी गई है। सबसे ज्यादा जून 2024 में 114 करोड़ रुपए की छूट दी गई।