इंदौर

इंदौर में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा कचरे से बायो गैस बनाने का प्लांट

World Largest Waste To Biogas Plant : फिलहाल 550 टन क्षमता के साथ देवगुराड़िया ट्रैंचिंग ग्राउंड एशिया का सबसे बड़ा प्लांट है। 850 टन गीला कचरा निपटान क्षमता होने के बाद ये दुनिया का सबसे बड़ा बायो गैस प्लांट होगा। आज एमआइसी बैठक में इसकी मंजूरी दी जा सकती है।

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World Largest Waste To Biogas Plant
World Largest Waste To Biogas Plant (एशिया नहीं दुनिया का होगा सबसे बड़ा प्लांट Photo Source- Patrika)

Indore News :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर देवगुराड़िया ट्रैंचिंग ग्राउंड में गीले कचरे के निपटान के लिए बायोसीएनजी प्लांट लगा हुआ है जो कि एशिया का सबसे बड़ा प्लांट है। इंदौर नगर निगम 550 टन से बढ़ाकर उसकी क्षमता 850 टन करने जा रहा है। इंदौर नगर निगम इस फैसले पर आज एमआइसी में मुहर लगा सकती है। बड़ी बात ये है कि इस क्षमता का दुनिया में प्लांट नहीं है।

इंदौर ने स्वच्छता के साथ में गीले कचरे के निपटान में भी बड़ा काम किया है। 2022 में पीपीपी मॉडल पर देवगुराड़िया ट्रैंचिंग ग्राउंड पर 550 टन की क्षमता का बायो - सीएनजी प्लांट बनाया गया था, जो सफल संचालित हो रहा है। प्लांट एशिया का सबसे बड़ा है, जिसे देखने के लिए देश और दुनिया के प्रतिनिधि आते हैं।

क्षमता बढ़ाकर 850 टन करने का प्रस्ताव तैयार

World Largest Waste To Biogas Plant (एशिया नहीं दुनिया का होगा सबसे बड़ा प्लांट Photo Source- Patrika)

महापौर पुष्यमित्र भार्गव और उनकी परिषद प्लांट की क्षमता बढ़ाकर 850 टन करने जा रही है। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे आज एमआइसी की बैठक में रखा जा रहा है। उसका भूमि पूजन करने भारत सरकार में आवास एवं शहरी कार्य मंत्री व ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करने आएंगे।

इंडस्ट्री एरिया में ड्रेनेज

वार्ड 18 यानी सांवेर रोड से लगे बरदरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाई आ गई है। यहां पर वर्षों से ड्रेनेज की लाइन नहीं थी, लेकिन निगम ने स्वीकृत कर दी है। महापौर भार्गव आज भूमि पूजन करेंगे। इसके बनने से क्षेत्र की एक बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी जिसको लेकर पिछले दिनों उद्योगपतियों का प्रतिनिधि मंडल महापौर से मिला था।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाओ और दस फीसदी छूट पाओ

एमआइसी में आज वॉटर पॉलिसी को लेकर एक और महत्वपूर्ण फैसला होने जा रहा है। बरसात के पानी को बचाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर नगर निगम जोर दे रहा है। ऐसा करने वालों को प्रोत्साहित के साथ पुरस्कृत करने भी जा रही है। संपत्ति कर में दस फीसदी छूट देने की योजना बनाई गई है जिसे एमआइसी में रखा जाएगा। इसके अलावा टॉकीज में चलने वाले विज्ञापनों का शुल्क 5 से 25 हजार रुपए किया जाएगा तो नारियल के रियूज का भी टेंडर जारी करने पर मंजूरी दी जाएगी।

इंडस्ट्री एरिया में ड्रेनेज

वार्ड 18 यानी सांवेर रोड से लगे बरदरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाई आ गई है। यहां पर वर्षों से ड्रेनेज की लाइन नहीं थी, लेकिन निगम ने स्वीकृत कर दी है। महापौर भार्गव आज भूमि पूजन करेंगे। इसके बनने से क्षेत्र की एक बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी जिसको लेकर पिछले दिनों उद्योगपतियों का प्रतिनिधि मंडल महापौर से मिला था।

एक नजर मौजूदा प्लांट पर

-क्षेत्रफल: 15 एकड़
-क्षमता: रोज 550 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण।
-उत्पादन: रोज 17 से 19 टन बॉयो-सीएनजी गैस।
-उपयोग: बॉयो-सीएनजी का उपयोग इंदौर की सिटी बसों सहित अन्य वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है।

एनारोबिक डाइजेशन तकनीक: कचरे से बनती है बायो गैस

शहर से रोजाना इकट्ठे होने वाले फल - सब्जियों का कचरा, बचा भोजन, फूल-पत्तियां और अन्य जैविक कचरे को प्लांट में लाया जाता है। एनारोबिक डाइजेशन तकनीक से कचरे से बायोगैस बनाई जाती है। शुद्ध कर बॉयो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाता है। बची सामग्री से खाद बन जाती है।

Published on:
18 Jun 2026 02:48 pm