150 कंपनियों ने किया चीन से आयात न करने का फैसला ( Morbi Manufacturer stopped import from china ) सीमा विवाद ( Border Dispute ) के बाद तेज हुई मांग
नई दिल्ली: लद्दाख में सीमा पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव ( Indo-China border dispute) को देखते हुए चायनीज प्रोडक्ट के बॉयकाट की मांग तेज हो रही है। सरकार भी अपनी नीतियों को दोबारा चेक कर रही है ताकि चीन से आने वाले किसी भी सामान पर रोक लगाया जा सके। वहीं ई-कॉमर्स साइट्स ( E-Commerce ) पर सामान की लिस्टिंग के साथ उसकी मैनुफैक्चरिंग ओरिजन बताना जरूरी कर दिया गया है। खैर ये तो बात है सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की लेकिन बॉयकाट अब आम आदमी और सरकार के अलावा बिजनेस ग्रुप्स में भी पहुंच गया है।
दरअसल गुजरात ( Gujarat ) के मोरबी ( Morbi ) शहर की लगभग 150 मैन्युफैक्चरर्स ( Morbi Manufacturer ) चीनी प्रोडक्ट्स ( Chinese Products) के खिलाफ जंग के लिए हुंकार भरी है । ये कंपनियां मैनुफैक्चरिंग के लिए कच्चा माल चीन से मंगाती थी लेकिन अब इन्होने ऐसा न करने ( Morbi Manufacturer stopped import from china )का फैसला किया है। फिलहाल के लिए इन मैन्युफैक्चरर्स ने कच्चे माल को वियतनाम, कम्बोडिया, ताइवान जैसे देशों से इंपोर्ट करने का सोच रहे हैं लेकिन बाद में इनका इरादा कच्चा माल देश में ही बनाने का है।
आपको मालूम हो कि इन उत्पादकों ( Manufacturers ) ने एलजी ( LG ), सैमसंग ( Samsung ) और सिमेंस जैसी वाइट गुड्स बनानेवाली कम्पनियों के साथ अपना कम्युनिकेशन शुरू भी कर दिया है ताकि वो जो रॉ मटेरियल चाइना से इम्पोर्ट ( Import from China )कर रहे हैं वह मोरबी के उत्पादक उन्हें दे सकें।
इन चीजों के लिए फेमस है मोरबी- मोरबी, सिरेमिक की मैन्युफैक्चरिंग के लिए देशभर में जानी जाती है। यहां घड़ियों के साथ प्लास्टिक गुड्स और इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स की करीब 300 से ज्यादा कंपनियां हैं।