
नई दिल्ली। कैलेंडर ईयर की दूसरी तिमाही ( June Quarter 2020 ) यानी कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown) के दौरान भारत में एंट्री करने वाले चार में से 3 स्मार्टफोन चीन से थे। खास बात तो ये है कि इस दौरान भारत में चीनी स्मार्टफोन बाजार हिस्सेदारी ( Chinese Smartphones Market Share ) में 70 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। वहीं दूसरी ओर सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी ( Samsung Market Share ) में इजाफा देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार शियाओमी अभी बाजार हिस्सेदारी ( Xiaomi Market Share ) में नंबर एक पोजिशन पर है। आंकड़ों की मानें तो भारत में लॉकडाउन के दौरान स्मार्टफोन की शिपमेंट ( Smartphone Shipment ) में 40 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
सैमसंग ने उठाया फायदा
देश में लॉकडाउन लगाए जाने के चलते आपूर्ति में दिक्कत आने और घरेलू उत्पादन में कमीं आने के बावजूद भी जून की तिमाही के दौरान भारत आए हर चार में तीन स्मार्टफोन चीन के बने हुए थे। सीएमआर इंडिया के मोबाइल हैंडसेट मार्केट रिव्यू के अनुसार चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों के सामने आने वाली चुनौतियों का का फायदा सैमसंग को मिला और अपने बेहतर सप्लाई चेन की बदौलत सैमसंग इस दूसरी तिमाही में अपने गिरते बाजार दर को बेहतर बनाने और मार्केट शेयर में 24 फीसदी तक सुधार करने के काबिल रहा।
कुछ इस तरह के सामने आए आंकड़े
दूसरी तिमाही के दौरान चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों का मार्केट शेयर 73 फीसदी तक गिर गया जोकि साल 2019 की तीसरी तिमाही में आखिरी बार देखे गए स्तर के समान है। देश में लगे लॉकडाउन के कारण जून की तिमाही में भारत में स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट में तिमाही दर तिमाही के हिसाब से 41 फीसदी और वर्ष-दर-वर्ष के हिसाब से 48 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। टॉप थ्री की बात करें तो शाओमी 30 फीसदी, सैमसंग 24 फीसदी और वीवो 17 फीसदी मार्केट शेयर कायम करने में कामयाब रही।
सैमसंग कायम रख जाएगा मजबूती
सीएमआर के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के मैनेजर अमित शर्मा के अनुसार यह देखना अभी बाकी है कि क्या आने वाले तिमाहियों में सैमसंग बाजार में अपनी परफॉर्मेंस को बनाए रख पाएगा, उपभोक्ताओं की मांग की पूर्ति कर पाएगा, चीनी स्मार्टफोन ब्रांडों के प्रभुत्व को चुनौती देकर उनके खिलाफ लड़ पाएगा। इन सारी चीजों का असली परीक्षण तीसरी तिमाही में ही होगा। आपको बता दें कि बीते कुछ सालों में भारत में सैमसंग को चीनी कंपनियों से काफी चुनौती मिल रही हैै। चीनी स्मार्टफोन सैमसंग के मुकाबले सस्ता होने के साथ फीचर्स के मामले में भी आगे ही दिखाई देते हैं। जिसकी वजह से सैमसंग का कारोबार कम हो रहा था।