
नई दिल्ली. नोटबंदी को एक साल पूरा होने वाला है। नोटबंदी की मार जिन सेक्टर पर सबसे ज्यादा देखने को मिली उनमें रियल एस्टेट भी शामिल है। बीते एक साल में 6 से 8 महीने इस सेक्टर के लिए सबसे बुरा रहा। इस दौरान सेक्टर की ग्रोथ 60 फीसदी तक घटी। इसकी सबसे बड़ी वजह रही ट्रांजेक्शन का खत्म हो जाना। हालांकि नोटबंदी के बाद सेक्टर को कई फायदे भी हुए है जिसका असर लंबे समय में दिख सकता है। आइए जानते है पिछले एक साल में नोटबंदी का रियल एस्टेट पर क्या प्रभाव पड़ा हैं।
नोटबंदी के फायदे
ऐसा नहीं है कि नोटबंदी से सेक्टर को केवल नुकसान ही झेलना पड़ा । नोटबंदी ने रियल एस्टेट सेक्टर के सिस्टम को बदलकर रख दिया। पारदर्शिता की बात करें तो इस सेक्टर में 80 फीसदी तक पारदर्शिता बढ़ गया है। इससे लोगों का इस सेक्टर पर आने वाले दिनों बढ़ते हुए देखने को मिला सकता हैं। नोटबंदी से इस सेक्टर में मुख्यत: तीन फायदे हुआ है जिसे हम एक बड़े बदलाव के तौर पर देख सकते हैं। ये तीन बदलाव हैं, सिस्टम में पारदर्शिता का बढऩा, कैश वाले लेन-देन का करीब-करीब खत्म होना और डेवलपर्स और कारोबारियों के काम करने के तरीके बदलना। निश्चित ही इन बदलावों से इस सेक्टर को एक पॉजिटिव संकेत देखने को मिल सकता हैं। 0
क्या है एक्सपर्ट्स का कहना
पत्रिका से बातचित में रियल एस्टेट एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने बताया कि नोटबंदी ने एक ओर जहां सेक्टर की ग्रोथ कम की वहीं कई सबक भी दिए। नोटबंदी के दौरान ग्रोथ में कमी इसलिए आई क्योंकि उस दौरान डवलपर और ग्राहक दोनों स्क्रू टनी के डर से लेन-देन करने से बच रहे थे।अब माहौल बिल्कुल सही है और ग्रोथ में तेजी आएगी। के्रडाई के अध्यक्ष नन्दु बेलानी ने कहा कि, रियल एस्टेट सेक्टर पर नोटबंदी का असर तो पड़ा है। इससे 30 फीसदी तक व्यवसाय में कमी आई। हालांकि नोटबंदी से पहले ही यह सेक्टर मंदी में चल रहा था। नोटबंदी के कारण स्थिति थोड़ी विकट हुई है।
वहीं पत्रिका से बातचीत में क्रेडाई मध्य प्रदेश के अध्यक्ष मानोज सिंह मीक ने बताया कि, नोटबंदी के बाद से अब तक रेरा एवं जीएसटी ने भी रियल्टी सेक्टर को प्रभावित किया है। अब यह सेक्टर अर्थव्यवस्था एवं रोजगार में सुधार के बाद ही ऊपर की तरफ गति पकड़ेगा।नोटबंदी से शुरुआती असर तो दिखा लेकिन अब यह सेक्टर अपनी सही दिशा में लौट आया है, ये कहना है के्रडाई के पे्रसीडेंट गीतांबर आनंद का।