इंडिगो को अंतर्राष्ट्रीय रूट पर नंबर एक विमान कंपनी बनाने को लेकर असहमत है एअर इंडिया। पैरामीटरर्स को लेकर एअर इंडिया ने सीएपीए को लेटर लिखकर दी जानकारी।
नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र की विमानन कपंनी एअर इंडिया ने दावा किया है कि वह अभी भी विदेशी रूट पर भारत की सबसे बड़ी विमान कंपनी है। एअर इंडिया ने यह दावा सिडनी की सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन (सीएपीए) की भारतीय ईकाई के सामने किया है। इसी कंपनी ने प्राइवेट सेक्टर की विमान कंपनी इंडिगो को नंबर एक विमान कंपनी का दर्जा दिया था।
सीएपीए को एक खत लिखकर एअर इंडिया ने कहा, "आपकी रिपोर्ट में एनिलिसिस से पता चलता है कि अंतर्राष्ट्रीय रूट पर इंडिगो नंबर एक विमानन कंपनी है। यह गलत और भ्रामक है।"
पैरामीटर्स को लेकर असहमति
न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने इस लेटर के रिव्यू का दावा करते हुए कहा है कि दोनों कंपनियों में पैरामीटर्स को लेकर असहमति है। एअर इंडिया ने आगे कहा है कि यह एविएशन सीट किलोमीटर्स यानी एएसकेएमएस को बदलते हुए किया गया। असल में यही सबसे उत्तम पैरामीटर है, जिसके आधार पर यह तय होना चाहिए कि कौन सी कंपनी अंतर्राष्ट्रीय रूट पर नंबर एक है।
एअर इंडिया ने क्या किया दावा
एअर इंडिया ने अपने पक्ष में क्षमता के आंकलन का रिपोर्ट जमा करते हुए कहा है कि सितंबर 2019 के लिए, एअर इंडिया का प्रतिकिलोमीटर फ्लाइट सीट उपलब्धता यानी एएसकेएमएस 10.39 लाख है। इंडिगो के लिए यह 4.86 लाख है। यह भी बात दें कि इसमें एअर एक्सप्रेस को शामिल नहीं किया गया है, जोकि एअर इंडिया की ही सहायक कंपनी है। एअर एक्सप्रेस का एएसकेएमएस 5.6 फीसदी है।
एअर इंडिया ने यह भी दावा किया है वो भारत से उड़ान भरने वाली विमान कंपनियों की तुलना में सबसे अधिक गंतव्य पर जाती है। अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के इंडिगो के अवलोकन पर अपनी रिपोर्ट में, सीएपीए ने कहा है कि निजी वाहक की अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर 10.3 प्रतिशत सीटें और एएसके के 23.7 प्रतिशत हैं। विमानन सलाहकार ने कहा, "मालवाहक के पास अब भारत से अंतर्राष्ट्रीय सीटों का सबसे बड़ा हिस्सा है।"