दरअसल 2020 में BS-VI प्रणाली को अपनाने के लिए कार कंपनियों को बड़ी मात्रा में निवेश करना होगा। इस कारण उनको गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी करनी होगी।
नई दिल्ली। देश में इस समय कार बाजार बेहद अच्छे दौर से गुजर रहा है। मध्यम वर्ग की ओर से कारों की बड़ी संख्या में खरीदारी की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार देश में हर मिनट औसतन 6 कारें खरीदी जा रही हैं। यदि आप कार खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो जल्दी से खरीद लें। यदि आपने 2020 के बाद कार खरीदी तो इसके लिए आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
क्या है मामला
दरअसल देश में पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सरकार ने सभी कार निर्माता कंपनियों से BS-VI नॉर्म्स अपनाने को कहा है। इसके लिए सरकार ने 2020 तक की डेडलाइन तय की है। एेसे में सभी कार निर्माता कंपनियों को 2020 तक BS-VI नॉर्म्स अपनाने होंगे। BS-VI नॉर्म्स अपनाने के बाद कारों की कीमत में बढ़ोत्तरी होना तय माना जा रहा है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार BS-VI नॉर्म्स के लागू होने के बाद सभी प्रकार के वाहनों में 10 से 15 फीसदी की उछाल संभव है। एेसे में कार खरीदना महंगा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पेट्रोल की गाड़ियों की कीमतों में मामूली उछाल आएगा, लेकिन डीजल से चलने वाली गाड़ियों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है।
कार कंपनियों पर बढ़ेगा बोझ
दरअसल 2020 में BS-VI प्रणाली को अपनाने के लिए कार कंपनियों को बड़ी मात्रा में निवेश करना होगा। इस कारण उनको गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी करनी होगी। जापानी कंपनी टोयाेटा पहले ही कह चुकी है कि BS-VI प्रणाली अपनाने से कारों की कीमत में वृद्धि होगी। कंपनी का कहना है कि इसका बोझ ग्राहकों को ही उठाना होगा। साथ ही कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी और हुंडई भी कई बार BS-VI प्रणाली अपनाने को लेकर कह चुकी हैं। इसके अलावा सरकारी तेल कंपनियों की भी BS-VI फ्यूल उपलब्ध कराने के लिए भी भारी निवेश करना होगा।