ऑटोमेटिव कंपोनेंट, फार्मा और डायमंड सेक्टर में देखने को मिलेगा असर मूडीज ने भी लगाया था अनुमान, अभी बेहतर नहीं होने वाली इंडियन इकोनॉमी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस का असर चीन तक सिमटकर नहीं रह गया है। इसका असर अब दुनिया की सभी बड़ी इकोनॉमी में देखने को मिल रहा है। अब यह भी बात सामने आ गई है कि कोरोना वायरस की वजह से वल्र्ड इकोनॉमी एक फीसदी तक नीचे आ सकती है। वहीं भारत में भी कोरोना वायरस का असर साफ दिखने लगा है। मूडीज के बाद अब क्रिसिल की ओर से चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का प्रकोप भारतीय उद्योग पर असर डालेगा। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्रिसिल की ओर से कोरोना वायरस का भारत पर क्या असर देखने को मिल सकता है।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा कि घातक कोरोना वायरस (सीओवीआईडी-19) के लंबे समय तक प्रकोप का असर भारतीय उद्योग पर पड़ेगा, जिसे गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा कि सीओवीआईडी-19 का इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में इंडिया इंक के सेक्टरों में मिला-जुला असर रहेगा।
रिपोर्ट में जिक्र किया गया कि सेक्टर जैसे ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मा बल्क ड्रग्स व एग्रो केमिकल्स कुछ हद तक सीओवीआईडी-19 का सामना कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया, "हालांकि, इनवेंट्ररीज के ठहरने से उद्योग पर खासा दबाव पड़ेगा।" रिपोर्ट के अनुसार, अगर आपूर्ति में व्यवधान जैसे ऑटोमेटिव कंपोनेंट्स, नवीकरणीय (सोलर) व हीरा में मार्च से आगे जाता है तो चुनिंदा क्षेत्रों में फर्मों के क्रेडिट प्रोफाइल भी प्रभावित हो सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया, "हीरा और ऑटोमोटिव कंपोनेंट क्षेत्र दोनों पहले से ही एक वर्ष से अधिक समय से सुस्त बने हुए हैं। इसके साथ ही ऑटोमोटिव सेक्टर 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी होने वाले बीएस-छह रेग्युलेशन को अपनाने वाला है। इसकी वजह से कंपोनेंट व वाहनों के दाम ज्यादा होने वाले हैं।"