पूरे देश में अभी तक जीएसटी के तहत सही आंकड़े न देने, समय पर टैक्स न देने जैसे कई मामलों में कंपनियों और व्यापारियों पर कई कार्रवाई की गई।
नई दिल्ली। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू हुए करीब दस माह हो चुके हैं। इस दौरान पूरे देश में जीएसटी के तहत सही आंकड़े न देने, समय पर टैक्स न देने जैसे कई मामलों में कंपनियों और व्यापारियों पर कई कार्रवाई की गई। लेकिन अभी तक जीएसटी से जुड़े अपराधों के लिए किसी भी व्यापारी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। अब यह रिकॉर्ड भी टूट गया है। जीएसटी से जुड़े अपराधों के संबंध में देश में पहली गिरफ्तारी हो गई है। यह गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जहां धोखाधड़ी के जरिए 28 करोड़ की कर चोरी करने के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तर किया गया है।
तांबा कारोबारी हैं आरोपी पिता-पुत्र
जानकारी के अनुसार केंद्रीय कर, जीएसटी पूर्वी दिल्ली आयुक्तालय ने तांबे के एक कारोबारी और उसके पुत्र को धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट इनवॉयस जारी कर लगभग 28 करोड़ रुपए की कर चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पूर्वी दिल्ली के शाहदरा में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। देश में जीएसटी के तहत यह पहली गिरफ्तारी है। बयान के अनुसार कई जगहों पर तलाशी ली गईं। इस दौरान विभिन्न संदिग्ध दस्तावेज एवं साक्ष्य पाए गए। इसके बाद हुई जांच-पड़ताल के दौरान इसमें पिता-पुत्र के लिप्त होने के बारे में पता चला। सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 (1) के तहत दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पटियाला हाउस की एक अदालत ने दोनों को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कर चोरी की राशि बढ़ने की संभावना
सीजीएसटी अधिनियम की धारा 132 के अनुसार वस्तुओं की आपूर्ति के बगैर ही कोई इनवॉयस या बिल जारी करना अथवा इनपुट टैक्स क्रेडिट से गलत तरीके से लाभ उठाना या उसका उपयोग करना एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है बशर्ते कि उसमें 5 करोड़ रुपए से अधिक का मामला हो। इस संबंध में जांच जारी है। कर चोरी की राशि के अभी और बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों ने इसमें कई और फर्जी कंपनियों के लिप्त होने की संभावना से इनकार नहीं किया है।