
नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी ( coronavirus Pandemic ) ने भारतीय व्यवसायों ( Indian Businesses ) , विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों ( MSME ) और स्टार्टअप्स ( Startups ) पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला है। फिक्की और इंडियन एंजल नेटवर्क ( Ficci IAN Survey ) के संयुक्त सर्वेक्षण के अनुसार, महामारी ने लगभग 70 फीसदी स्टार्टअप के कारोबार को प्रभावित किया है। सर्वे में कहा गया है कि कारोबारी माहौल में अनिश्चितता के साथ ही सरकार और कॉर्पोरेट्स की प्राथमिकताओं में अप्रत्याशित बदलाव के कारण कई स्टार्टअप जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सर्वेक्षण में स्टार्टअप्स के लिए एक तत्काल राहत पैकेज की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें सरकार से संभावित खरीद ऑर्डर, कर राहत, अनुदान, आसान ऋण आदि शामिल हैं।
सर्वे में इन बातों का हुआ खुलासा
- 'भारतीय स्टार्टअप्स पर कोविड-19 के प्रभाव' विषय पर एक राष्ट्रव्यापी सर्वे किया गया, जिसमें 250 स्टार्टअप को शामिल किया गया।
- सर्वे में 70 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उनके कारोबार को कोविड-19 ने प्रभावित किया है
- लगभग 12 फीसदी ने अपना परिचालन बंद कर दिया है।
- अगले तीन से छह महीनों में निर्धारित लागत खर्चे को पूरा करने के लिए केवल 22 फीसदी स्टार्टअप के पास ही पर्याप्त नकदी है
- 68 फीसदी परिचालन और प्रशासनिक खर्चे को कम कर रहे हैं।
- करीब 30 फीसदी कंपनियों ने कहा कि अगर लॉकडाउन को बहुत लंबा कर दिया गया तो वे कर्मचारियों की छंटनी करेंगे।
- 43 फीसदी स्टार्टअप ने अप्रैल-जून में 20-40 फीसदी वेतन कटौती शुरू कर दी है।
- वहीं 33 फीसदी से ज्यादा स्टार्टअप्स ने कहा कि निवेशकों ने निवेश के फैसले को रोक दिया है
- 10 फीसदी ने कहा है कि सौदे (डील) खत्म हो गए हैं।
- कोविड-19 के फैलने से पहले केवल आठ फीसदी स्टार्टअप्स को ही सौदे के अनुसार धनराशि मिली थी।
निवेशकों ने कहा कि हुआ नुकसान
- सर्वे में 250 स्टार्टअप्स के अलावा 61 इन्क्यूबेटरों और निवेशकों ने भी भाग लिया।
सर्वे के दौरान 96 फीसदी निवेशकों ने स्वीकार किया कि स्टार्टअप में उनका निवेश कोविड-19 से प्रभावित हुआ है।
- वहीं 92 फीसदी ने कहा कि अगले छह महीनों में स्टार्टअप में उनका निवेश कम रहेगा।
- लगभग 59 फीसदी निवेशकों ने कहा कि वे आने वाले महीनों में मौजूदा पोर्टफोलियो फर्मों के साथ काम करना पसंद करेंगे।
- केवल 41 फीसदी ने कहा कि वे नए सौदों पर विचार करेंगे।
- लगभग 44 फीसदी इन्क्यूबेटरों ने कहा कि उनके दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशन कोविड-19 की वजह से काफी प्रभावित हुए हैं।