सूत्रों के मुताबिक आज (बुधवार) को इस अधिग्रहण की अाधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इस घोषणा के लिए वाॅलमार्ट के प्रमुख डग मैकमिलन भारत आए हुए हैं।
नर्इ दिल्ली। रिटेल सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वाॅलमार्ट बहुत जल्द ही फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण को लेकर घोषणा कर सकती है। वाॅलमार्ट आैर फ्लिपकार्ट के बीच ये सौदा करीब 21 अरब डाॅलर का है। दोनों कंपनियों के बीच ये सौदा र्इ-काॅमर्स के क्षेत्र में विश्व में अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा। सूत्रों के मुताबिक आज (बुधवार) को इस अधिग्रहण की अाधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इस घोषणा के लिए वाॅलमार्ट के प्रमुख डग मैकमिलन भारत आए हुए हैं।
वाॅलमार्ट करेगा 2 अरब डाॅलर
उम्मीद है कि फ्लिपकार्ट में वाॅलमार्ट लगभग 70 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा। अधिग्रहण के बाद वाॅलमार्ट 2 अरब डाॅलर का फ्रेश कैपिटल निवेश करेगा अौर बाकी का 17-18 अरब डाॅलर की हिस्सेदारी वो फ्लिपकार्ट के मौजूदा निवेशकों से खरीदेगा। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वाॅलमार्ट फ्लिपकार्ट के स्ट्रैटेजिक पार्टनर के तौर पर गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक को भी अपने साथ ला सकती है। फ्लिपकार्ट में गूगल 5 फीसदी की हिस्सेदारी खरीद सकता है।
सचिन बंसल हो सकते हैं बाहर
इस साैदे के बाद फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल के कंपनी से बाहर होने की भी खबर है। मीडिया रिपोर्ट के अुनसार सचिन फ्लिपकार्ट में अपनी 5.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी छोड़ सकते हैं। सचिन बंसल आैर बिन्नी बंसल ने साल 2007 में बेंगलुरू के एक अपार्टमेंट में फ्लिपकार्ट की शुरूआत की थी।
इसके साथ ही संभावना है कि फ्लिपकार्ट के मौजूदा सबसे बड़े निवेशक कंपनी के भी कंपनी में अपने स्टेक को बेच सकते हैं। हालांकि टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट आैर टेंसेंट होल्डिंग्स अपने शेयरों क कुछ हिस्सा बनाए रख सकते हैं। जापान की साॅफ्टबैंक ग्रुप अपने 20 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है। हालंकि अभी ये कंपनी अपने टैक्स बचाने के रास्ते की तलाश कर रही थी। इसके पहले पिछले साल अगस्त में साॅफ्टबैंक 2.5 अरब डाॅलर के साथ फ्लिपकार्ट की सबसे बड़ी निवेशक बनी थी आैर ये दूसरे निवेशकों को भी अमेजन से आॅफर के इंतजार के लिए सहमत करने में लगी हुर्इ थी। लेकिन अभी पिछले हफ्ते ही इस कंपनी ने भी दूसरे निवेशकों के साथ जाने का मन बनाया है।