टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री पर बढ़ते बोझ और होते नुकसान को देखते हुए सरकार ने विदेश से आयात होने वाले 45 टेक्‍सटाइल प्रोडक्‍ट पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है।
नई दिल्ली। टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर बढ़ते बोझ और होते नुकसान को देखते हुए सरकार ने विदेश से आयात होने वाले 45 टेक्सटाइल प्रोडक्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। सरकार ने सभी प्रोडक्ट पर 20 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है। लेकिन सरकार का ऐसा करने से उन लोगों की मुश्किले बढ़ गई है जिन्हें ब्रांडेड कपड़े पहने का शौक हैं। क्योंकि सरकार के ऐसा करने से ब्रांडेड कपड़ों की कीमतों में इजाफा हो जाएगा। जो की ब्रांडेड कपड़ों पहने वालों के लिए बुरी खबर हैं।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री को होता नुकसान
टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भारत की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा माना जाता हैं। देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ने और घटने में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का अहम हाथ हैं। लेकिन विदेशो से आते सस्ते कपड़ो से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नुकसान उठाना पड़ रहा है। चीन से आने वाले सस्ते कपड़ो ने तो भारतीय उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारतीय बाजार बांग्लादेश, वियतनाम, चीन जैसे देशों से आयातित सस्ते कपड़ों से भरे पड़े हैं। वहीं यूरोप और अमेरिका से आने वाले महंगे कपड़े भी भारतीय उद्योग को चोट पहुंचा रहे हैं उससे भी उद्योग को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री को रोजाना होतो करोेड़ो के नुकसान को देखाते हुए ही सरकार ने विदेशी प्रोडक्ट पर 20 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगा दी है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। सरकार ने ऐसा करके घरेलू टेक्सटाइल कारोबार को बांग्लादेश, वियतनाम और चीनी कपड़ों से मिल रही चुनौती से मुकाबला करने के लिए बड़ी राहत दी हैं।
कौन-कौन से विदेशी ब्रांड पर पड़ेगा असर
20 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगने से विदेशी ब्रांड जैसे लेकॉस्टे, अरमानी, डीज़ल, एडिडास, एचएंडएम, डीएंडजी, जैसे ब्रांड के कपड़े महंगे हो जाएंगे। अगर ये कंपनियां भारत में ही कपड़ो का उत्पादन करेगी तो इनकी कीमतों पर फिलहाल कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके अतिरिक्त सस्ते कपड़े बेचने वाली कंपनियों जैसे विशाल रिटेल और वी मार्ट जैसी रिटेल चेन पर भी कपड़े महंगे हो सकते हैं।