
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार देश में टूरिज्म को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार कोशिश करने में जुटी हैं। सरकार का मानना है कि पर्यटन इंडस्ट्री सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है और इससे रोजगार के ढेरों अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इसी के लिए सरकार ने अब पर्यटन के क्षेत्र में लगभग 6,500 करोड़ रुपए का एफडीआई लाने की योजना बना रही हैं। इस योजना से सरकार आने वाले पांच सालों में 10 करोड़ नए रोजगार के भी अवसर उपलब्ध कराने वाली हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए टूरिज्म मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि, देश में टूरिज्म इंडस्ट्री सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने दुनिया की कई शीर्ष टूरिज्म कंपनियों से इस सेक्टर में हालात को बेहतर बनाने को लेकर बात की हैं।
नेशनल टूरिज्म अथॉरिटी बनाने की मांग
देश में टूरिज्म इंडस्टी्र का सहूलियत देने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। टूरिज्म मिनिस्ट्री होटल इंडस्ट्री की 5 सितारा होटलों के जीएसटी रेट के 4 से 5 फीसदी तक रेशनलाइजेशन की मांग पर भी विचार करने वाला हैं। इसके साथ ही देश में एक नेशनल टूरिज्म अथॉरिटी बनाने की मांग पर भी केन्द्र सरकार विचार कर रही हैं। ये नेशनल टूरिज्म अथॉरिटी देश भर में पर्यटन से संबंधित योजनाओं और कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए एक तरह की रेग्यूलेटरी अथॉरिटी होगी। ये अथॉरिटी होटल में बेड, खाने ओर अन्य आवश्या चीजों को लिए मानक भी तय करेगी।
कई ईकाइयों को मिलाकर किया गया है एक कमेटी का गठन
सरकार अपने इस योजना से आने वाले 5 सालों में लगभग 4 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का भी सोच रही हैं। टूरिज्म मिनिस्ट्री ने डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन को, इंवेस्ट इंडिया, टूरिज्म मिनिस्ट्री और टूरिज्म इंडस्ट्री को मिलाकर एक वर्किंग कमेटी का भी गठन किया है जो कि इस सेेक्टर मे विकास का काम करने के लिए जिम्मेदार होगी।