1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विदेश यात्रा खर्च में 581% का उछाल, 7 गुना बढ़ी हैं यात्राएं

विदेश यात्रा पर खर्च में नवंबर 2016 में नवंबर 2015 की तुलना में 581 फीसदी का इजाफा हुआ था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Manish Ranjan

•

Updated: 24 Oct 2017, 10:33 AM IST

tour

नई दिल्ली. नोटबंदी के बाद जब देश के करोड़ों लोगों के पास बेहद जरूरी चीजों के लिए पैसे नहीं थे, उन दिनों विदेश यात्रा कई गुना बढ़ गई थी। विदेश यात्रा पर खर्च में नवंबर 2016 में नवंबर 2015 की तुलना में 581 फीसदी का इजाफा हुआ था। नवंबर के बाद दिसंबर और जनवरी में भी यह ट्रेंड जारी रहा। जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। जांच एजेंसियां अब ऐसे लेन-देन की तह में जाकर इन ट्रांजेक्शंस के असली मकसद का पता लगा रही हैं।


आरबीआई के पास हैं सभी आंकड़े

नवंबर के बाद दिसंबर 2016 और फिर 2017 के जनवरी में भी यह ट्रेंड जारी रहा। दिसंबर में भारतीयों ने इस मद में 201 मिलियन डॉलर खर्च किए, जो उसके पिछले साल की समान अवधि से 517 त्न अधिक था। जनवरी में यह खर्च उसके पिछले साल के 40.8 मिलियन डॉलर की तुलना में 434त्न बढक़र 217.8 मिलियन डॉलर हो गया।


जांच से बचने के लिए विदेशों में मनाईं छुट्टियां

जनवरी के बाद इस ट्रेंड की स्पीड थोड़ी कम हुई, इसके बावजूद 2017 के अगस्त तक विदेशी यात्राओं पर होने वाले खर्चों में औसतन 45 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। 2016 के नवंबर से लेकर 2017 के अगस्त तक आर्थिक क्रियाकलापों में सुस्ती के बावजूद विदेशी यात्राओं पर होने वाले इस बेतहाशा खर्च की आशंका जताई जा रही है। कुछ रईस लोगों ने कालेधन का उपयोग कर विदेशों में छुट्टियां मनाने पर जमकर खर्च किया है। इसका मकसद नोटबंदी के जांच-पड़ताल से बचना भी हो सकता है।


खर्च की सीमा है तय

गौरतलब है कि विदेशी यात्रा और अन्य ओवरसीज रेमिटेंस आरबीआई की लिबरेलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम ) के जरिए संपादित होते हैं। स्कीम के तहत एक साल में ट्रेवलर्स चेक समेत कानूनी फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए एक साल में विदेशी यात्राओं पर 250,000 यूएस डॉलर तक ही खर्च करने की अनुमति है।


ब्लैकमनी होल्डर्स ने ये तरीके किए ईजाद

अधिकारियों ने बताया कि 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद कर चोरी करने के कई तरीके ईजाद किए गए, जिनमें विदेशी यात्राओं पर बेतहाशा खर्च भी एक हो सकता है। कुछ मामलों में देखा गया कि अकाउंट होल्डर्स ने बड़ी मात्रा में पैसे अपने अकाउंट में जमा किए और बाद में इन्हें फॉरेन कंट्री ट्रेवलर्स चेक में कनवर्ट कर दिया गया। इस दौरान हजारों मामलों में एक लाख से अधिक के क्रेडिट कार्ड बिल कैश में चुकाए गए।