उद्योग जगत

युवाओं के अच्छे दिन: इस सेक्टर में सरकार करने जा रही 1 करोड़ नौकरियों का सृजन

सरकार दावा कर रही है कि साल 2022 तक वो देश के गोल्ड सेक्टर में लगभग एक करोड़ नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगी।
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Updated: 4 Mar 2018, 12:58 PM IST
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नई दिल्ली। विपक्ष लगातार सरकार को नौकरियां पैदा करने के मोर्चे पर घेरती रही है। बीजेपी सरकार बनाने से पहले जितना नौकरियों के अवसर प्रदान करने के दावे किए थे, सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में ये दावे महज चुनावी दावे बन कर ही रह गए है। युवाओं को नौकरियों के अवसर देने के मोर्चे एनडीए सरकार पर पूरी तरह से विफल रही है। इसी दबाव के बीच सरकार देश के गोल्ड इंडस्ट्री का कायाकल्प करने की तैयारी में है, जिससे की इस सेक्टर में नई नौकरियों के अवसर पैदा हो सकें। इसके साथ ही सरकार दावा कर रही है कि साल 2022 तक वो देश के गोल्ड सेक्टर में लगभग एक करोड़ नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगी। हालांकि देश में मौजूदा नौकरियों की मांग को देखते हुए ये आंकड़े कम है।


लागू होगा वाटल कमिटी की सिफारिशें

सरकार बहुत जल्द ही देश की गोल्ड इंडस्ट्री पर रतन पी वाटल कमिटी को सिफारिशें लागू करने जा रही हैं। यदि इस कमेटी की सिफारिशें लागू हो गई तो इससे न सिर्फ युवओं के लिए नौकरियों के अवसर पैदा होंगे बल्कि देश मेंं गोल्ड ट्रेडिंग भी आसान हो जाएगा। वहीं सरकार बुलियन बैंक भी बनाने की तैयारी में है, जिसमें आप गोल्ड सेविंग अकाउंट्स का भी लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सरकार गोल्ड कारोबार के लिए अलग एक्सचेंज और भारतीय गोल्ड काउंसिल भी बनाएगी।


कम जीएसटी के साथ जीडीपी को भी मिलेगा बूस्ट

इसके बाद देश में गोल्ड खरीदारी पर आपको कम जीएसटी देना होगा। फिलहार 20 लाख रुपए से अधिक गोल्ड खरीदने पर आपको 3 फीसदी जीएसटी देना पड़ता है। वहीं इंपोर्ट ड्यटी में भी 2 से 4 फीसदी की कटौती हो जाएगी। मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो वाटल कमिटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है। और सरकार इसको जल्दी ही अमली जामा पहनाने की तैयारी में है। वाटल कमिटी ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि, इससे देश की जीडीपी बढ़ाने में भी फायदा मिलेगी। सरकार चाहती है की जीडीपी में गोल्ड इंडस्ट्री की हिस्सेदारी 3 फीसदी हो। वहीं ज्वेलरी एक्सपोर्ट को भी साल 2022 तक 2000 करोड़ डॉलर तक करने का प्लान बना रही है।


मिलेंगी की कई सहूलियतें

इस इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह की कोशिश कर रही। इसके लिए विदेश क्रेडिट कार्ड धारकों को ज्वेलरी खरीदने पर छूट मिलेगा वहीं इसके साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए गोल्ड खरीदारों को अलग से इंसेटिव भी दिए जाएंगे। इस सेक्टर की निगरानी करने के लिए एक गोल्ड बोर्ड भी बनाया जाएगा जिसमें इस सेक्टर की समीक्षा भी किया जा सके। इस बोर्ड में वित्त मंत्रालय के साथ दूसरे आर्थिक मामलों से जुड़े सभी मंत्रालयों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। सरकार भारत को गोल्ड हब बनाने की पर फोकस कर रही है। इसके लिए सरकार को गोल्ड उत्पादन और माइनिंग को बढ़ावा देने के लिए रिस्क कैपिटल भी मुहैया कराना होगा।

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