
रायपुर .होली की छुट्टी खत्म होते ही अब वाणिज्यिक कर विभाग ने 2200 करोड़ से अधिक टैक्स वसूली के लिए कमर कस ली है।इस काम के लिए टीमें गठित कर दी गई है।इस संबंध में विभाग द्वारा शीघ्र कार्यवाही होने की उम्मीद है।पत्रिका के खुलासे के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है, वहीं विभाग के आला अधिकारियों को कर अपवंचन (टैक्स चोरी) के मामले में ठोस कार्यवाही के लिए कहा गया है। राज्य सरकार के फरमान के बाद विभाग ने राज्य के अलग-अलग सर्किल में अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं कंपनियों के बकाया टैक्स की विस्तृत जांच करने के बाद अंतिम नोटिस देकर टैक्स वसूलने को कहा गया है।
सम्पत्ति कुर्की का भी आदेश
वाणिज्यिक कर विभाग को 2200 करोड़ वैट की वसूली के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।राज्य के अलग-अलग जिलों में कंपनियों से विभाग को करोड़ों का टैक्स हासिल करना है।नोटिस के बाद भी कंपनियों की ओर से जवाब नहीं आ रहा है, वहीं कई फर्म गायब हो चुके हैं।रायपुर, बिलासपुर , दुर्ग-भिलाई, कोरबा , रायगढ़ व अन्य जिलों के बड़े उद्योगपति और कारोबारियों से विभाग को टैक्स वसूलना है।
मुंबई में फर्जी इनवाइस बनाकर गैरकानूनी तरीके से जीएसटी क्रेडिट लेने के मामले में वाणिज्यिक कर विभाग जांच कर सकता है। मुंबई में बीते दिनों केंद्रीय जीएसटी की कार्रवाई के बाद 7 करोड़ रुपए से भी अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी गई, जिसमें दो कंपनियों ने निर्माण और लेन-देन के बगैर फर्जी इनवाइस तैयार किया।राज्य के भीतर भी स्टील और अन्य सेक्टर में इस तरह के फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले प्रदेश में 500 करोड़ से अधिक का बोगस बिल का मामला उजागर हुआ था, जिसमें विभाग को लंबी चपत लगी थी।
वाणिज्यिक कर विभाग की आयुक्त पी. संगीता ने बताया कि टैक्स वसूली के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिया गया है।गलत इनवाइस के जरिए जीएसटी क्रेडिट लेने वाले फर्मों की जांच की जाएगी।
Published on:
4 Mar 2018, 11:59 AM IST
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