मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक करीब 7 हजार करोड़ रुपए में जापान से 18 बुलेट ट्रेनें खरीदी जा सकती हैं। दस डिब्बों वाली यह ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकेगी।
नर्इ दिल्ली। बुलेट ट्रेन की परियोजना को आगे बढ़ाने में जमीन को लेकर आ रही दिक्कतों के बीच सरकार इसके लिए ट्रेनों की खरीद की ओर कदम बढ़ाने जा रही है। मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक करीब 7 हजार करोड़ रुपए में जापान से 18 बुलेट ट्रेनें खरीदी जा सकती हैं। दस डिब्बों वाली यह ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकेगी। सौदे के तहत घरेलू उत्पादन के लिए भारत को तकनीक का भी हस्तांतरण भी शामिल होगा। सरकार का दावा है कि 2022 के अंत तक पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच शुरू हो जाएगी। इसके लिए इन दोनों शहरों के बीच 508 किमी लंबा हाई स्पीड कॉरिडोर को जापान के सहयोग से तैयार किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार जल्द ही हाई-स्पीड ट्रेनों की खरीद के लिए एक निविदा जारी करेगी जिसमें जापानी निर्माता जापान रेलवे के साथ भारत में बुलेट ट्रेन असेंबल इकाइयों की स्थापना की जायेगी। मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार 15 अगस्त 2022 तक पहली बुलेट ट्रेन चलाना चाहती है। वडोदरा में बुलेट ट्रेन परियोजना का एक अभिन्न अंग हाई-स्पीड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण चल रहा है। पिछले हफ्ते, ट्रांसपोर्टेशन कंपनी के जापान इंटरनेशनल कंसल्टेंट्स के कार्यकारी टीम लीडर तरुण कथपडिया ने कहा, "मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड प्रोजेक्ट का प्रशिक्षण केंद्र बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का दिल है।
जापानी सरकार हमें वित्त पोषित कर रही है और अपनी तकनीक देगी। बाद में जापानी प्रशिक्षु यहां आएंगे और अन्य तकनीकी पहलुओं को उजागर करने के अलावा बुलेट ट्रेनों को चलाने के लिए हमें प्रशिक्षित करेंगे। " उन्होंने कहा "बुलेट ट्रेन 350 किमी / घंटा की रफ्तार से चलती है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में भी बुलेट ट्रेन उसी गुणवत्ता और पैरामीटर के साथ चले जैसे यह जापान में चलती है।"